देहरादून, उत्तराखण्ड
इस वर्ष चारधाम यात्रा
को पूरी तरह प्लास्टिक मुक्त बनाने की तैयारी की जा रही है। मुख्यमंत्री पुष्कर
सिंह धामी ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि प्लास्टिक बोतलों के प्रयोग को कम
करने के लिए डिजिटल डिपॉजिट रिफण्ड सिस्टम लागू किया जाए। इससे लोग खाली बोतलें
वापस करने के लिए प्रेरित होंगे।
यात्रा मार्ग पर साफ
पानी उपलब्ध कराने के लिए जगह-जगह वाटर एटीएम और आरओ प्लांट लगाए जाएंगे, ताकि लोग प्लास्टिक बोतलों का कम उपयोग
करें। कूड़े और प्लास्टिक वेस्ट पर नजर रखने के लिए ड्रोन से निगरानी की जाएगी और
इसके लिए एक आधुनिक कंट्रोल सेंटर भी बनाया जाएगा।
यात्रा के दौरान घोड़े और खच्चरों की लीद को बेकार नहीं जाने दिया जाएगा। इसे चीड़ की सूखी पत्तियों के साथ मिलाकर पैलेट बनाए जाएंगे, जिनका उपयोग ऊर्जा के रूप में किया जाएगा। साथ ही केदारनाथ धाम में श्रद्धालुओं के लिए 24 घंटे नि:शुल्क गर्म पानी की सुविधा दी जाएगी। यह व्यवस्था भी इन्हीं पैलेट से चलने वाले गीजरों के माध्यम से की जाएगी। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा है कि हर दुकान पर प्लास्टिक कचरा प्रबंधन की व्यवस्था होनी चाहिए और इसकी सख्ती से निगरानी की जाएगी।
इसके अलावा यात्रा मार्ग पर सफाई और कचरा प्रबंधन को बेहतर बनाया जाएगा, विशेषज्ञ कर्मचारियों की तैनाती होगी और लोगों की भागीदारी से प्लास्टिक मुक्त अभियान चलाया जाएगा। यात्रियों से क्यूआर कोड के माध्यम से फीडबैक भी लिया जाएगा, ताकि व्यवस्थाओं में लगातार सुधार किया जा सके। इन सभी प्रयासों से चारधाम यात्रा को स्वच्छ, सुव्यवस्थित और पर्यावरण के लिए बेहतर बनाया जा सकेगा।



