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“हाउस ऑफ हिमालयाज: उत्तराखण्ड के लोकल उत्पादों को मिली ग्लोबल पहचान”

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देहरादून, उत्तराखण्ड

उत्तराखण्ड सरकार ने राज्य के शुद्ध, पारंपरिक और स्थानीय उत्पादों को देश और दुनिया में पहचान दिलाने के लिए हाउस ऑफ हिमालयाजपहल शुरू की। इसका उद्देश्य स्थानीय कारीगरों, किसानों और खासतौर पर ग्रामीण महिलाओं को मजबूत बनाना है। यह पहल प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के वोकल फॉर लोकलऔर लोकल टू ग्लोबलके विचार को भी आगे बढ़ा रही है। अंब्रेला ब्रांड हाउस आफ हिमालयाज केवल एक ब्रांड नहीं है, बल्कि महिलाओं के सशक्तिकरण का माध्यम बन रहा है। इससे 3,300 ग्रामीण महिलाओं को सीधे और 28,000 से ज्यादा महिलाओं को अप्रत्यक्ष रूप से लाभ मिल रहा है। साथ ही, ‘लखपति दीदीयोजना को भी बढ़ावा मिला है और 400 से ज्यादा क्लस्टर लेवल फेडरेशन को इससे जोड़ा गया है।

बता दें अच्छी गुणवत्ता और आकर्षक पैकेजिंग के कारण इस ब्रांड ने देश के कई बड़े होटलों में अपनी जगह बनाई है। मसूरी, देहरादून, ऋषिकेश, नैनीताल, हरिद्वार, नई दिल्ली और अन्य शहरों में इसके काउंटर लगाए गए हैं। जौलीग्रांट एयरपोर्ट और चारधाम यात्रा मार्गों पर भी इसके उत्पाद उपलब्ध हैं। कंपनी की प्रबंध निदेशक झरना कमठान के अनुसार, जरूरी अंतरराष्ट्रीय लाइसेंस मिलने के बाद अब इसके उत्पाद अमेरिका तक पहुंच चुके हैं। जल्द ही यूएई, मैक्सिको और कनाडा में भी ऑनलाइन उपलब्ध होंगे।  इसके साथ ही, आधुनिक बाजार को देखते हुए अमेजन, ओएनडीसी, जियोमार्ट, ब्लिंकिट, बिग बास्केट और स्विगी जैसे प्लेटफॉर्म पर भी ये उत्पाद बेचे जा रहे हैं। हाउस ऑफ हिमालयाज एक सफल पहल बनकर सामने आई है, जिसने स्थानीय लोगों को रोजगार, महिलाओं को सशक्तिकरण और राज्य को नई पहचान दी है।