आरएसएस सरकार्यवाह ने परम पावन दलाई लामा जी से शिष्टाचार भेंट की
धर्मशाला (हिमाचल प्रदेश), 28 मार्च 2026।
हिमाचल प्रवास के प्रथम दिन राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले जी ने सबसे पहले परम पावन दलाई लामा जी से शिष्टाचार भेंट की। तत्पश्चात तिब्बत सरकार की संसद का अवलोकन किया। जहाँ पर उनका औपचारिक परिचय एवं स्वागत किया गया। तत्पश्चात सरकार्यवाह जी ने कोतवाली बाजार स्थित सामुदायिक भवन में देव भूमि मैत्री संघ द्वारा आयोजित धर्म सम्मेलन में भाग लिया।

सम्मेलन में सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले जी ने कहा कि तथागत बुद्ध कहते थे – एष: धर्म सनातन! सनातन की जड़ें प्रकृति में विद्यमान हैं। मानव सेवा धर्म है, जो शुचिता, करुणा, तपस्या, त्याग पर आधारित है। हमारा सभी का एक ही लक्ष्य है। सभी महापुरुषों ने समय-समय पर धर्म की स्थापना एवं धर्म रक्षा के लिए प्राणार्पण किया। श्री गुरु तेगबहादुर जी ने धर्म रक्षा हेतु बलिदान किया, उसी धर्म रक्षा के लिए परम पावन दलाई लामा जी विश्व में शांति का संदेश दे रहे हैं। इसलिए सभी को धर्म के मार्ग पर चलना चाहिए।

सम्मेलन में मुख्य अतिथि 7वें लिंग रिंपोछे उपस्थित रहे। सम्मेलन का आयोजन परम पावन दलाई लामा जी के 90 वर्ष पूर्ण होने पर उनकी दीर्घायु के लिए एवं राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के शताब्दी वर्ष के निमित्त किया गया था।
लिंग रिंपोछे ने संघ की प्रशंसा करते हुए कहा कि संघ देश और दुनिया में एकता, समरसता एवं सद्भावना का कार्य कर रहा है। सभी को पर्यावरण रक्षा, अहिंसा एवं विश्व शांति के लिए कार्य करने की आवश्यकता है। भारत दुनिया को सही रास्ता दिखा कर आगे बढ़ रहा है।
सम्मेलन में किन्नौर, लाहौल, स्पीति, जिला कांगड़ा एवं अन्य स्थानों से बौद्ध धर्म के अनुयायियों ने भाग लिया।



