खाकी बनी बच्चों की उम्मीद: अमरोहा पुलिस 500 वंचित बच्चों को दिलाएगी स्कूल में दाखिला
अमरोहा, उत्तर प्रदेश
उत्तर प्रदेश के अमरोहा जिले में खाकी वर्दी अब केवल कानून-व्यवस्था संभालने तक सीमित नहीं है, बल्कि भटके हुए बचपन को नई दिशा देने का काम भी कर रही है। ‘मिशन शक्ति’ अभियान के तहत अमरोहा पुलिस ने जिले के 500 वंचित बच्चों को सरकारी स्कूलों में दाखिला दिलाने का संकल्प लिया है। इस पहल का उद्देश्य अशिक्षा के कारण अपराध की ओर बढ़ते बच्चों को शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ना है।
1 फरवरी से शुरू हुआ अभियान
यह विशेष पहल 1 फरवरी से जिले के सभी 13 थानों में शुरू की गई है। पुलिस टीमें अपने-अपने क्षेत्र में ऐसे बच्चों की पहचान कर रही हैं जो आर्थिक, सामाजिक या पारिवारिक कारणों से स्कूल नहीं जा पा रहे हैं।
अब तक 13 बच्चों का सरकारी स्कूलों में प्रवेश कराया जा चुका है। इनमें मंडी धनौरा थाने ने सबसे आगे रहते हुए 7 बच्चों का दाखिला कराया है, जबकि डिडौली और नौगावां सादात थानों की पुलिस ने तीन-तीन बच्चों का स्कूल में प्रवेश सुनिश्चित कराया है।
वह घटना, जो बनी नई पहल की वजह
इस अनूठी मुहिम की शुरुआत मंडी धनौरा क्षेत्र में हुई एक घटना से प्रेरित है। यहां एक 9 वर्षीय बच्चा चोरी की वारदात में शामिल पाया गया। जांच के दौरान सामने आया कि वह पूरी तरह अशिक्षित था।
इस घटना ने पुलिस प्रशासन को झकझोर दिया। एसपी अमरोहा के निर्देश पर जिलेभर में सर्वे अभियान चलाया गया और निर्णय लिया गया कि ऐसे बच्चों को अपराध की राह पर जाने से पहले शिक्षा से जोड़ा जाए।
सलाखों में नहीं, स्कूल में देखना चाहते हैं बच्चे
वरिष्ठ उपनिरीक्षक सतीश कुमार ने बताया कि पुलिस का उद्देश्य बच्चों को जेल नहीं, बल्कि स्कूल की कक्षा में देखना है। उन्होंने कहा कि यदि समय रहते बच्चों को शिक्षा से जोड़ा जाए, तो भविष्य में अपराध की संभावनाएं स्वतः कम हो सकती हैं।
पुलिस टीम बेसिक शिक्षा विभाग के साथ समन्वय कर बच्चों को मुफ्त किताबें, यूनिफॉर्म और मिड-डे मील जैसी सरकारी सुविधाएं भी उपलब्ध करा रही है, ताकि परिवारों पर किसी प्रकार का आर्थिक बोझ न पड़े।
नवरात्र तक 500 बच्चों का लक्ष्य
अमरोहा पुलिस ने आगामी नवरात्र तक 500 बच्चों का सरकारी स्कूलों में दाखिला कराने का लक्ष्य निर्धारित किया है। इस दिशा में सभी 13 थानों की टीमें सक्रिय रूप से प्रयास कर रही हैं।
यह पहल न केवल शिक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाने का प्रयास है, बल्कि जिले में अपराध दर कम करने और समाज में सकारात्मक संदेश देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम भी है।
समाज के लिए सकारात्मक संदेश
‘मिशन शक्ति’ के तहत अमरोहा पुलिस की यह पहल यह दर्शाती है कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने के साथ-साथ सामाजिक जिम्मेदारी निभाना भी पुलिस की प्राथमिकताओं में शामिल है।
अगर यह अभियान अपने लक्ष्य तक पहुँचता है, तो यह मॉडल अन्य जिलों के लिए भी प्रेरणादायक साबित हो सकता है।



