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आधुनिक मक्का खेती से बढ़ रही किसानों की आय

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मुरादाबाद, उत्तर प्रदेश

किसान अब पारंपरिक खेती छोड़कर मक्का की आधुनिक और जैविक खेती अपनाकर अच्छी कमाई कर रहे हैं। एक एकड़ में 80-90 हजार रुपये तक की आय हो रही है। सरकार की योजना के तहत बीज पर सब्सिडी मिलने से लागत कम हो रही है।

आज के समय में किसान नई तकनीक और जैविक तरीकों को अपनाकर अपनी आय बढ़ा रहे हैं। पारंपरिक खेती से हटकर मक्का की आधुनिक खेती किसानों के लिए लाभदायक सिद्ध हो रहा है।किसान अब मक्का की आधुनिक और जैविक खेती करके अच्छा मुनाफा कमा रहे हैं। एक एकड़ में करीब 80,000 से 90,000 रुपये तक की आय हो रही है। सरकार की त्वरित मक्का विकास योजना के तहत बीज पर 15,000 रुपये प्रति कुंतल तक की सब्सिडी भी मिलती है। इससे किसानों की लागत कम होती है और आय बढ़ती है। यह योजना किसानों को आर्थिक रूप से मजबूत बना रही है और उन्हें नई खेती अपनाने के लिए प्रेरित कर रही है। मुरादाबाद के कृषि वैज्ञानिक डॉ. दीपक मेहंदी रत्ता के अनुसार, मक्का की खेती से अच्छा लाभ मिल सकता है। इसकी खेती के लिए एक हेक्टेयर में लगभग 25 किलो बीज की जरूरत होती है। बुवाई करते समय लाइन से लाइन की दूरी 60 सेंटीमीटर और पौधे से पौधे की दूरी 20 सेंटीमीटर रखनी चाहिए। यह फसल 90 से 120 दिनों में तैयार हो जाती है और इससे 40 से 60 क्विंटल प्रति हेक्टेयर तक उत्पादन मिल सकता है।

उन्होंने बताया कि मक्का कम समय और कम लागत में तैयार होकर अच्छा मुनाफा देती है। किसान मक्का के साथ दूसरी फसल भी उगा सकते हैं, जिसे सहफसली खेती कहते हैं। उदाहरण के लिए, मक्का के साथ हल्दी की खेती की जा सकती है। इससे मक्का की फसल पर कोई असर नहीं पड़ता और किसानों को दोनों फसलों से लाभ मिलता है। इस तरह सहफसली खेती करने से किसानों की आय और बढ़ सकती है।