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प्रज्ञानम- आधुनिकता और ज्ञान परम्परा का अनोखा संगम, जहां नई पीढ़ी को जड़ों से जोड़ रहा AI

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आज के डिजिटल युग में, जहां जानकारी की गति तेज है लेकिन गहराई अक्सर कम हो जाती है, ऐसे में ‘प्रज्ञानम’ एक सार्थक पहल के रूप में सामने आया है। श्रीदेव सुमन उत्तराखंड विश्वविद्यालय द्वारा विकसित यह AI चैटबॉट आधुनिक तकनीक और भारतीय ज्ञान परंपरा के बीच एक मजबूत सेतु का कार्य करता है।

‘प्रज्ञानम’ को ‘वन यूनिवर्सिटी वन रिसर्च’ पहल के अंतर्गत तैयार किया गया है। यह वेद, उपनिषद, पुराण, आयुर्वेद, प्राचीन भारतीय गणित, दर्शन, नाट्यशास्त्र और संगीत जैसे विविध विषयों पर आधारित एक समृद्ध और प्रमाणिक डेटाबेस से संचालित होता है। इसके पीछे गहन शोध, राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय सम्मेलनों में प्रस्तुत विचार और विश्वसनीय स्रोतों का योगदान है।

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इस प्लेटफॉर्म का उद्देश्य विद्यार्थियों, शोधार्थियों और आम नागरिकों को भारतीय ज्ञान परंपरा से जुड़ी सटीक, संदर्भ आधारित और आसानी से समझ आने वाली जानकारी उपलब्ध कराना है। ‘प्रज्ञानम’ न केवल जिज्ञासाओं का समाधान करता है, बल्कि उपयोगकर्ताओं को विषय की गहराई तक ले जाकर सीखने का एक नया अनुभव प्रदान करता है।

सबसे विशेष बात यह है कि यह चैटबॉट पूरी तरह ऑनलाइन उपलब्ध है, जिससे कोई भी व्यक्ति कभी भी और कहीं से भी इसका उपयोग कर सकता है।

कहना गलत नहीं होगा ‘प्रज्ञानम’ केवल एक तकनीकी नवाचार नहीं है, बल्कि यह 21वीं सदी की तकनीक के माध्यम से हमारी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को नई पीढ़ी तक प्रभावी ढंग से पहुंचाने का एक सशक्त माध्यम है।