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व्यक्ति किसी भी क्षेत्र में हो, उसके मन में ‘राष्ट्र प्रथम’ की भावना होनी चाहिए – दीपक विस्पुते जी

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बड़हलगंज, गोरखपुर

संघ शताब्दी वर्ष के निमित्त शहीद राजा हरि प्रसाद मल्ल राजकीय होम्योपैथिक मेडिकल कॉलेज के सभागार में ‘राष्ट्र निर्माण में युवाओं की भूमिका’ विषय पर युवा संवाद कार्यक्रम का आयोजन किया गया।

युवा संवाद में मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के अखिल भारतीय सह बौद्धिक शिक्षण प्रमुख दीपक विस्पुते जी ने कहा कि कार्यक्रम का उद्देश्य आज के नौजवानों को संघ के विचार और कार्यपद्धति से परिचित कराना है। युवा जिस भी क्षेत्र में काम कर रहे हों, उन्हें अपना कार्य ईमानदारी और देश सेवा की भावना के साथ करना चाहिए। यदि कोई व्यक्ति अपने कार्य को पूरी निष्ठा और राष्ट्रहित की भावना से करता है तो वह भी राष्ट्र निर्माण में योगदान दे रहा है।

उन्होंने कहा कि व्यक्ति किसी भी क्षेत्र में हो, उसके मन में ‘राष्ट्र प्रथम’ की भावना होनी चाहिए। युवाओं को अपने व्यक्तिगत हितों के साथ समाज और देश के प्रति अपनी जिम्मेदारियों को भी समझना होगा। देश की प्रगति और समाज की मजबूती में युवाओं की भूमिका महत्वपूर्ण है।


भगवान श्रीराम का उदाहरण देते हुए कहा कि मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम ने समाज को संगठित करने और लोगों को जोड़ने का संदेश दिया। उन्होंने अपने कर्तव्य, मातृभूमि और समाज की सुरक्षा के लिए संघर्ष किया। उनके जीवन से समाज को एकजुट रहने, कर्तव्य के प्रति समर्पित रहने और राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखने की प्रेरणा मिलती है।

उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे समाज को संगठित और मजबूत बनाने के लिए सकारात्मक भूमिका निभाएं। देश की आजादी के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर करने वाले बलिदानियों को याद करते हुए देश के प्रति जिम्मेदार नागरिक बनने का प्रयास करें। उन्होंने कहा कि हुतात्माओं के बलिदान का सम्मान तभी होगा, जब युवा राष्ट्रहित को अपने जीवन में प्राथमिकता देंगे और देश की प्रगति में ईमानदारी से योगदान करेंगे।

कार्यक्रम में युवाओं ने राष्ट्र निर्माण, समाजसेवा और देश के प्रति जिम्मेदारियों से जुड़े विभिन्न विषयों पर संवाद किया। कार्यक्रम का समापन वन्दे मातरम् गीत से हुआ। संचालन वेदव्रत मिश्र ने किया।