संभल, उत्तर प्रदेश
आस्था, परंपरा और श्रद्धा का अद्भुत संगम उत्तर
प्रदेश के संभल में देखने को मिला, जहां मासिक 24 कोसीय परिक्रमा में हजारों श्रद्धालु
जुटे। धार्मिक महत्व से जुड़ी इस परिक्रमा में लोगों ने उत्साह और भक्ति भाव के
साथ भाग लेते हुए पवित्र स्थलों के दर्शन किए और पुण्य अर्जित किया।
परिक्रमा की शुरुआत सुबह श्रीवंशगोपाल तीर्थ स्थित संभलेश्वर से हुई, जहां श्रद्धालुओं ने पूजा-अर्चना कर तिलक लिया और महादेव की आरती में शामिल हुए। “हर-हर महादेव” और “जय श्रीकल्कि” के जयघोष के साथ यात्रा आगे बढ़ी। इस दौरान हजारों श्रद्धालुओं ने संभल की पवित्र भूमि पर स्थित 68 तीर्थों और 19 कूपों की परिक्रमा कर अपनी आस्था व्यक्त की।
यात्रा
का पहला पड़ाव भुवनेश्वर तीर्थ रहा, जहां रुद्राष्टकम का पाठ किया गया। इसके बाद नैमिषारण्य तीर्थ
में बाबा क्षेमनाथ की समाधि पर आरती कर आशीर्वाद लिया गया। तीसरे पड़ाव पर
भवानीपुर मंदिर में पूजा-अर्चना की गई और अंत में चंद्रेश्वर महादेव पर जलाभिषेक
कर परिक्रमा पूरी की गई।
इस दौरान महंत बाल योगी दीनानाथ ने श्रद्धालुओं को संभल की पौराणिक महत्ता के बारे में जानकारी दी। कार्यक्रम में सैकड़ों की संख्या में महिला, पुरुष और बच्चे शामिल हुए और पूरे आयोजन में भक्ति और उत्साह का माहौल बना रहा।



