ग्रेटर नोएडा, उत्तर प्रदेश
देश की सुरक्षा को और मजबूत बनाने की दिशा में एक बड़ी तकनीकी पहल सामने आई है। जी हां पुणे के पिंपरी चिंचवड़ कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग की टीम मावेरिक इंडिया ने भारत सरकार के इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के प्रॉब्लम स्टेटमेंट के तहत दो खास ड्रोन तैयार किए हैं, विटार ड्रोन और हेक्साकॉप्टर ड्रोन। इन ड्रोन का हाल ही में गौतमबुद्ध विश्वविद्यालय में आयोजित सात दिवसीय ‘निडर’ कार्यक्रम में प्रदर्शन किया गया।
जानकारी देते हुए टीम लीडर रितिक लिपाटे ने बताया कि विटार ड्रोन जंगलों और दुर्गम इलाकों में छिपे लोगों को पहचानने का काम करेगा। इसमें लगे कैमरे और थर्मल सेंसर मशीन लर्निंग तकनीक से जुड़े हैं, जो किसी व्यक्ति की मौजूदगी को स्कैन कर तुरंत डिटेक्ट कर लेते हैं। जैसे ही कोई संदिग्ध दिखाई देता है, यह ड्रोन अपने साथी हेक्साकॉप्टर ड्रोन को अलर्ट मैसेज भेजता है और अधिकारियों को लाइव वीडियो भेजता है। इससे संदिग्धों की संख्या और उनके पास मौजूद सामान की जानकारी भी मिल जाती है, साथ ही ये ड्रोन आवाज रिकॉर्ड करने में भी सक्षम हैं। जरूरत पड़ने पर हेक्साकॉप्टर ड्रोन को कार्रवाई के लिए संकेत भेजा जा सकता है। दोनों ड्रोन को 25 किलोमीटर दूर से संचालित किया जा सकता है और ये 60 से 100 मीटर की ऊंचाई तक उड़ान भर सकते हैं। अगर किसी कारण से ड्रोन गिर भी जाए, तो उसमें रिकॉर्ड किया गया वीडियो और ऑडियो सुरक्षित रहता है, क्योंकि डेटा लाइव कंट्रोल रूम तक पहुंचता रहता है।



