मुरादाबाद, उत्तर प्रदेश
आज के समय में महिलाएं
केवल घर की जिम्मेदारियों तक सीमित नहीं रह गई हैं। वे आत्मनिर्भर बनने और अपने
पैरों पर खड़े होने के लिए नए-नए कदम उठा रही हैं। गांवों में भी महिलाएं अब
छोटे-छोटे काम शुरू कर आर्थिक रूप से मजबूत बन रही हैं। ऐसी ही एक प्रेरणादायक
कहानी एक महिला समूह की है, जिसने घर के कामकाज से आगे बढ़कर इंजीनियरिंग
का काम संभाल लिया और इलेक्ट्रिक उपकरण बनाकर अपनी अलग पहचान बनाई.. इस समूह की
अध्यक्ष ललिता बताती हैं कि उनके समूह में कुल 10 महिलाएं जुड़ी हुई हैं। इनमें से
चार महिलाएं एलईडी बल्ब तैयार करती हैं, जबकि बाकी छह
महिलाएं पैकिंग, मार्केटिंग और अन्य जरूरी काम संभालती हैं। खास बात यह है
कि उन्हें यह आइडिया यूट्यूब से मिला। वीडियो देखकर उन्होंने सोचा कि क्यों न वे
भी एलईडी बल्ब बनाने का काम शुरू करें। इसके बाद उन्हें दिल्ली में प्रशिक्षण मिला
और वहीं से कच्चा माल भी उपलब्ध कराया गया।
महिलाओं ने अपने घर पर ही “विद्युत” नाम से ब्रांड बनाकर एलईडी बल्ब तैयार करने शुरू कर दिए। उन्हें NMLN से भी प्रेरणा मिली। उन्होंने सोचा कि गांवों में एलईडी लाइट की काफी जरूरत रहती है। अगर वे सस्ते दाम में बल्ब तैयार करेंगी, तो गांव के लोगों को अच्छी सुविधा मिलेगी और उन्हें भी मुनाफा होगा। आज उनके द्वारा बनाए गए एलईडी बल्ब 10 रुपये से लेकर 50 रुपये तक की कीमत में उपलब्ध हैं। शुरुआत में उन्होंने 15,000 रुपये का लोन लेकर यह काम शुरू किया था। धीरे-धीरे मेहनत रंग लाई और अब वे लाखों रुपये तक का मुनाफा कमा रही हैं। इस कमाई को सभी महिलाएं आपस में बांट लेती हैं। इस काम से जुड़ी सभी महिलाएं आत्मनिर्भर हैं। वे अन्य महिलाओं को भी प्रेरित कर रही हैं कि वे भी समूह बनाकर छोटा स्टार्टअप शुरू करें। अगर लगन और मेहनत हो, तो छोटा काम भी बड़ी सफलता दिला सकता है।



