बिजनौर, उत्तर प्रदेश
आज के समय में बेटियों की शिक्षा और आत्मनिर्भरता पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। सरकार भी “बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ” जैसे अभियानों के माध्यम से समाज में जागरूकता बढ़ा रही है। इसी दिशा में चांदपुर की आभा सिंह एक प्रेरणादायक उदाहरण बनकर सामने आई हैं। जी हां, स्याऊ गांव की रहने वाली आभा सिंह गरीब परिवार की लड़कियों को पढ़ाने और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने का काम कर रही हैं। वे बिना किसी स्वार्थ के छात्राओं को पढ़ाई की सामग्री और अन्य जरूरी मदद देती हैं। साथ ही, वे लड़कियों को मुफ्त में कंप्यूटर की शिक्षा भी दिलवा रही हैं।
आभा सिंह ने “आभा फाउंडेशन” के माध्यम से अपने विद्यालय में एक फ्री कंप्यूटर सेंटर शुरू किया है, जहां अब तक 100 से ज्यादा लड़कियां पढ़ाई कर चुकी हैं। इसके अलावा, वे हर साल 20 से अधिक छात्राओं को किताबें और स्कूल ड्रेस भी देती हैं। उन्होंने कई गरीब लड़कियों की आर्थिक मदद की है और उन्हें पढ़ाई से जोड़ने का काम किया है। अब तक करीब 200 छात्राओं को वह शिक्षा की मुख्य धारा में ला चुकी हैं। छात्राओं को आने-जाने में परेशानी न हो, इसके लिए उन्होंने साइकिल भी बांटी हैं।
इसके साथ ही, आभा सिंह लड़कियों को सिलाई और कढ़ाई का प्रशिक्षण देकर उन्हें रोजगार के लिए भी तैयार कर रही हैं। पिछले पांच सालों में उनके प्रयासों से सैकड़ों लड़कियां न केवल पढ़ाई कर रही हैं, बल्कि आत्मनिर्भर भी बन रही हैं। आभा सिंह का यह प्रयास समाज के लिए एक प्रेरणा है, जो यह दिखाता है कि अगर सही दिशा और मदद मिले, तो बेटियां भी आगे बढ़कर अपना और अपने परिवार का भविष्य संवार सकती हैं।



