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अयोध्या दीपोत्सव 2026: 56 घाटों पर जलेंगे 30 लाख दीप

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अयोध्या, उत्तर प्रदेश

भगवान श्रीराम की पावन नगरी अयोध्या एक बार फिर भव्य दीपोत्सव के लिए तैयार हो रही है। सरयू तट पर दीपों की रोशनी से रामनगरी को जगमगाने की तैयारी तेज हो गई है। इस बार दीपोत्सव में 56 घाटों पर 30 लाख दीप प्रज्ज्वलित करने का लक्ष्य रखा गया है। घाटों की साफ-सफाई के बाद अब दीप सजाने के लिए निशान लगाने का काम शुरू कर दिया गया है।

दीपोत्सव की तैयारियों के तहत सरयू तट के घाटों को आकर्षक रूप देने का काम किया जा रहा है। राम की पैड़ी, चौधरी चरण सिंह घाट और भजन संध्या स्थल समेत कुल 56 घाटों पर दीप सजाए जाएंगे। पिछले वर्षों में 55 घाटों पर दीपोत्सव आयोजित किया जाता था। इस बार एक अतिरिक्त घाट शामिल होने से आयोजन का विस्तार और भव्य होने की उम्मीद है।

बता दें, 30 लाख दीप जलाने के लक्ष्य को पूरा करने के लिए करीब 33 लाख दीप मंगाए जा रहे हैं। ऐसा इसलिए किया जा रहा है, ताकि दीपों को लाने और सजाने के दौरान टूटने वाले दीपों के कारण आयोजन में कोई कमी न आए।

दीपों को सुंदर और व्यवस्थित तरीके से सजाने के लिए चार वर्ग फुट के ब्लॉक बनाए जा रहे हैं। घाटों पर मार्किंग का काम अगले तीन से चार दिनों में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।

साथ ही दीपोत्सव को सफल बनाने के लिए अवध विश्वविद्यालय करीब 35 हजार स्वयंसेवकों की तैनाती करेगा। इनमें विभिन्न डिग्री कॉलेजों और इंटर कॉलेजों के विद्यार्थी शामिल होंगे। सभी स्वयंसेवकों को घाटों के अनुसार जिम्मेदारी दी जाएगी और उन्हें आवश्यक प्रशिक्षण भी दिया जा रहा है।

वही दीपोत्सव की तैयारियों के क्रम में सरयू तट के घाट संख्या 10 पर वैदिक मंत्रोच्चार के बीच भूमि पूजन का कार्यक्रम निर्धारित किया गया है। इस अनुष्ठान में अवध विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. बिजेंद्र सिंह मौजूद रहेंगे। भूमि पूजन के साथ दीपोत्सव की तैयारियों को धार्मिक परंपराओं के अनुरूप आगे बढ़ाया जाएगा। अयोध्या में दीपोत्सव केवल दीप जलाने का आयोजन नहीं, बल्कि भगवान श्रीराम की मर्यादा, भारतीय संस्कृति और सनातन परंपरा के प्रति आस्था का प्रतीक भी है। सरयू तट पर लाखों दीपों की जगमगाहट रामनगरी की धार्मिक और सांस्कृतिक छटा को खास बनाएगी।