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युवा आकांक्षाओं को धरती पर उतारा

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युवा आकांक्षाओं को धरती पर उतारा 

युवा मुख्यमंत्री, युवा जोश, युवा जिज्ञासा और युवा महत्वाकांक्षा। इन सबका बेहतरीन समन्वय और साकार रूप देखना हो तो आप उत्तर प्रदेश आइये। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मार्च 2017 में जब सरकार का नेतृत्व संभाला था तभी से प्रदेश के युवाओं के लिए रचनात्मक, समावेशी और नवाचार युक्त योजनाओं को क्रमशः धरती पर उतारा गया यानी उन्हें मूर्त रूप दिया जाने लगा। उत्तर प्रदेश पर आधारित युवा विशेषांक में योगी सरकार की युवा आधारित पहल और नवाचारों पर बहुत सारे लेखों में विविध योजनाओं का प्रायः जिक्र है। इस लेख में जितनी भी योजनाएं हैं उनको एकीकृत कर दिया जा रहा है। ये योजनाएं मुख्य रूप से स्वरोजगार और उद्यमिता को बढ़ावा देने वाली हैं। 

एक-उत्तर प्रदेश उद्यमी विकास अभियान (CMYUVA) को जोर-शोर से शुरू किया गया। इस योजना का उद्देश्य प्रदेश के युवाओं को नौकरी खोजने की बजाय नौकरी देने वाला बनाना है। जो महत्वाकांक्षी और श्रमशील युवा अपना काम-धाम शुरू करना चाहते हैं उनके लिए हर साल एक लाख रुपये से 5 लाख रुपये तक व्याज मुक्त और गारंटी रहित ऋण उपलब्ध कराया जाता है। अगले दस वर्षों में दस लाख युवाओं को इस योजना से अच्छारित करने का लक्ष्य है। यह योजना काफी समय से चल रही है। योजना में लागत का दस प्रतिशत अनुदान (सब्सिडी) की व्यवस्था है। यानि एक लाख रुपये ऋण पर 10 हजार का अनुदान और 5 लाख रुपये पर 50 हजार का अनुदान दिया जाता है। इसका लक्ष्य हर वर्ष एक लाख युवाओं को आत्मनिर्भर बनाना है और जहां तक संभव हो सके अन्य काविल युवाओं को रोजगार या नौकरी देना है। न्यूनतम शिक्षा 8वीं कक्षा पास रखी गई है इसके लिए जरूरी है कि संबंधित युवा के पास किसी मान्यता प्राप्त संस्थान से कौशल प्रशिक्षण का प्रमाण पत्र हो। 

प्राप्त जानकारी के अनुसार मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान और युवा रोजगार योजना से प्रदेश के करीब डेढ लाख युवा लाभान्वित हो चुके हैं जिनको नया स्वरोजगार या व्यवसाय शुरू करने के लिए वित्तीय मदद और ब्याज मुक्त कर्ज दिया गया है। इस योजना से ऐसे युवा लाभान्वित हुए हैं जिनकी आयु 21 से 40 वर्ष के मध्य है और जो मूल रूप से उत्तर प्रदेश के निवासी हैं। 

दो-स्वामी विवेकानंद युवा सशक्तिकरण योजना 25 दिसम्बर 2021 को लखनऊ के इकाना स्टेडियम में शुरू किया गया। पात्र युवा चाहे महिला हो या पुरुष, इन सभी को निःशुल्क टैबलेट/स्मार्ट फोन दिए जाने का प्रावधान है। स्नातक, स्नात्कोत्तर, डिप्लोमा, कौशल विकास और उच्च शिक्षा, तकनीकी शिक्षा, तकनीकी शिक्षा (डिप्लोमा), आईटीआई, राज्य के सरकारी विश्वविद्यालयों, कॉलेजों, संस्थानों में अध्ययनरत चिकित्सा शिक्षा के छात्र और निजी विश्वविद्यालयों, कॉलेजों और संस्थानों में चिकित्सा शिक्षा के छात्र इस योजना का लाभ ले सकते हैं। योजना का मुख्य उद्देश्य छात्र छात्राओं को तकनीक के माध्यम से शिक्षा में आगे बढ़ने का प्रोत्साहन देना है। इसका लक्ष्य पहले चरण में एक करोड़ विद्यार्थियों को निःशुल्क टैबलेट/स्मार्ट फोन देने का है। इस योजना में बाहरी राज्यों के वे विद्यार्थी भी पात्र हैं जो राज्य के किसी शैक्षणिक संस्थान में अध्ययनरत हैं। इसके अलावा उत्तर प्रदेश के विद्यार्थी जो प्रदेश के बाहर किसी संस्थान में पढ़ते हैं वो भी इसके पात्र हैं। प्राप्त जानकारी के अनुसार अब तक 60 लाख से अधिक विद्यार्थियों को फ्री टैबलेट/स्मार्ट फोन उपलब्ध कराए जा चुके हैं। मुख्यमंत्री ने घोषणा की है कि दिसम्बर माह तक शिक्षित नौजवानों को 25 लाख टैबलेट/स्मार्ट फोन दिए जाएंगे।

तीन- युवा रोजगार योजना के तहत उद्योग या विनिर्माण इकाई की स्थापना के लिए 25 लाख रुपये तक और सेवा क्षेत्र के लिए 10 लाख रुपये तक बैंक ऋण दिए जाने का प्रावधान है। इस योजना के तहत प्रोजेक्ट  लागत का 25 प्रतिशत तक मार्जिन मनी अनुदान (सब्सिडी) के रूप में दिया जाता है। इसमें आवेदक की उम्र 18 से 40 वर्ष तक रखी गई है और उसकी न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता हाई स्कूल पास रखी गई है। इसमें आवेदक का उत्तर प्रदेश का मूल निवासी होना अनिवार्य है, उसे किसी बैंक का डिफॉल्टर नहीं होना चाहिए, साथ ही राज्य सरकारा की किसी अन्य स्वरोजगार योजना का लाभ नहीं लिया हो। 

चार- उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन (UPSDM) के तहत राज्य के युवाओं को निःशुल्क तकनीकी और व्यावसायिक प्रशिक्षण दिया जाता है। यह योजना 14 से 35 वर्ष की आयु के युवाओं के लिए है। इसका उद्देश्य युवाओं को विभिन्न सेक्टरों में प्रशिक्षित कर रोजगार दिलाया जाना है। प्रशिक्षण पूरी तरह से निःशुल्क है, सारा खर्चा राज्य सरकार वहन करती है। यह प्रशिक्षण सामान्य तौर पर 3 महीने, 6 महीने और जरूरत के अनुसार एक वर्ष भी होती है। प्रशिक्षण पूरा करने के बाद सर्टिफिकेट दिया जाता है। इसके अंतर्गत, कम्प्यूटर और डेटा एंट्री ऑपरेशन, टैली, इलेक्ट्रॉनिक्स एवं इलेट्रिकल कार्य, ऑटोमोटिव (मोटर वाहन) व्यूटीशियन, फैशन डिजाइनिंग और स्वास्थ्य सेवा (हेल्थ केयर) का प्रशिक्षण दिया जाता है। 

पांच - ओडीओपी से अब तक सर्वाधिक नौ लाख युवाओं को रोजगार दिया गया। योगी जी के पहले कार्यकाल में ही इस महात्वाकांक्षी योजना की शुरूआत की गई थी। इसका उद्देश्य स्थानीय हुनर और पारंपरिक कलात्मक प्रतिभा को बढ़ावा देकर युवाओं के लिए बड़े अवसर पर पैदा करना है। योगी जी भी इस योजना के बारे में उत्साह पूर्वक बताते हैं। कानून व्यवस्था और विकास कार्यों के साथ इस एक जिला, एक उत्पाद योजना का जरूर जिक्र करते हैं। इन तीनों के माध्यम से वह बताते है कि किस तरह पिछली सरकारों से बेहतर उनकी सरकार काम कर रही है। अखिलेश यादव के राज में एक जिला, एक माफिया (वन डिस्ट्रिक, वन माफिया) का जिक्र करते हुए वह एक जिला, एक उत्पाद (वन डिस्ट्रिक वन प्रोडेक्ट) का जिक्र करते हैं। इस योजना का उद्देश्य उत्तर प्रदेश राज्य के सभी 75 जिलों के पारंपरिक, देशी और विशिष्ट उत्पादों को विशेष मदद देकर उनको बढ़ावा देना है। इसके तहत सभी जिलों में जिन उत्पादों को ओडीओपी के तहत प्रोत्साहन के लिए रखा गया है। उनकी सूची लंबी है। सरकार की ओर से दावा किया गया कि प्रत्यक्ष और परोक्ष रूप से नौ लाख से अधिक युवाओं को रोजगार व स्वरोजगार का अवसर मिला। सरकार द्वारा करीब डेढ़ लाख कारीगरों को मुफ्त प्रशिक्षण और टूल किट दी गई।