सहारनपुर निवासी हारिस अली की गिरफ्तारी के बाद ATS को कई अहम सुराग मिले हैं। प्रतिबंधित संगठन ISIS के लिए काम कर रहे हारिस ने पूछताछ में अपने 10 सहयोगियों के नाम उजागर किए हैं, जिनमें उत्तर प्रदेश समेत अन्य राज्यों के युवा शामिल हैं।
मेडिकल छात्र से आतंकी नेटवर्क तक
हारिस मुरादाबाद के एक मेडिकल कॉलेज में डेंटल की पढ़ाई कर रहा था, लेकिन पर्दे के पीछे वह ISIS के लिए सक्रिय था। बताया जा रहा है कि उसने इंटरनेट मीडिया के जरिए 50 से अधिक युवाओं को अपने नेटवर्क से जोड़ा और कई का ब्रेनवॉश कर उन्हें आतंकी गतिविधियों के लिए तैयार किया।
डिजिटल प्लेटफॉर्म बना हथियार
जांच एजेंसियों को हारिस के लैपटॉप से कई अहम ईमेल और डाटा मिले हैं। इनमें संवेदनशील स्थानों की तस्वीरें और जानकारी ISIS एजेंट्स को भेजी गई थी। इससे साफ है कि नेटवर्क सिर्फ विचारधारा तक सीमित नहीं, बल्कि जमीनी साजिशों तक पहुंच चुका था।
देशभर में फैला नेटवर्क
पूछताछ में सामने आया है कि हारिस के संपर्क में 10 युवा थे। उसे उत्तर प्रदेश, बिहार, दिल्ली और पंजाब में अलग-अलग ग्रुप तैयार करने का टारगेट दिया गया था, जिसके लिए वह सोशल मीडिया पर सक्रिय लोगों को निशाना बनाता था।
ATS की कार्रवाई तेज
ATS ने हारिस को मुरादाबाद से गिरफ्तार कर रिमांड पर लिया था और लगातार पूछताछ जारी है। उसके बताए गए सहयोगियों की गिरफ्तारी के प्रयास भी तेज कर दिए गए हैं।
यह मामला दिखाता है कि आतंकी संगठन अब युवाओं तक पहुंचने के लिए डिजिटल माध्यमों का इस्तेमाल कर रहे हैं। ऐसे में सतर्कता और जागरूकता पहले से कहीं ज्यादा जरूरी हो गई है।



