देशभर में जासूसी नेटवर्क के भंडाफोड़ के बाद जो खुलासे सामने आ रहे हैं, वो चौंकाने वाले ही नहीं, बल्कि सीधे तौर पर देश की सुरक्षा को चुनौती देने वाले हैं। जांच एजेंसियों को अब शक है कि पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI खालिस्तानी अलगाववादियों की आड़ में भारत में बड़ा षड्यन्त्र रच रही है।
सूत्रों की माने, एक खालिस्तानी संगठन से जुड़े आतंकी अब ISI के मोहरे बन चुके हैं और भारत में जासूसी नेटवर्क चला रहे हैं। जिसके तार सीधे पाकिस्तान में बैठे सरफराज उर्फ जोरा सिंह, गैंगस्टर-आतंकी शहजाद भट्टी और वकार उर्फ विक्की जट जैसे नामों से जुड़े बताए जा रहे हैं।
जांच में सामने आया है कि विक्की जट इस पूरे नेटवर्क का मुख्य हैंडलर है, जो लगातार अपनी लोकेशन बदलकर एजेंसियों से बच रहा है।
5 देशों से ऑपरेट हो रहा नेटवर्क
ये नेटवर्क केवल भारत तक सीमित नहीं है, आतंकियों की लोकेशन नेपाल, दुबई, कनाडा, मलेशिया और पाकिस्तान तक ट्रेस की गई है।
हवाला कनेक्शन
पाकिस्तान से पंजाब के रास्ते फंडिंग हो रही थी, जिससे आतंकी गतिविधियों को हवा दी जा रही थी।
रेलवे स्टेशन से सेना तक नजर
14 मार्च को गाजियाबाद से 6 आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद जो खुलासा हुआ, वो बेहद गंभीर है—
• रेलवे स्टेशनों
• सैन्य ठिकानों
• संवेदनशील स्थानों
की फोटो, वीडियो और लोकेशन ISI एजेंट्स को भेजी जा रही थी।
इसकी पुष्टि तब हुई जब पकड़े गए आतंकी गुर्गों के बताए स्थानों जैसे- दिल्ली कैंट और सोनीपत रेलवे स्टेशन पर लगाए गए सोलर बेस्ड कैमरे बरामद हुए।
एक के बाद एक गिरफ्तारी, 21 आरोपी पकड़े
अब तक इस मामले में 21 आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है। पंजाब, अंबाला, हापुड़ समेत कई जगहों पर कार्रवाई हुई है। अंबाला में तो विस्फोटक के साथ 3 आतंकी पकड़े गए, जो बड़ी वारदात की तैयारी में थे।
पंजाब चुनाव और बड़े हमले की आशंका
जांच एजेंसियों को इनपुट मिला है कि ये नेटवर्क पंजाब में चुनाव के दौरान अशांति फैलाने की प्लानिंग कर रहा था। देश की प्रमुख एजेंसियां NIA समेत अलग-अलग राज्यों की पुलिस अब हाई अलर्ट पर हैं।
आतंक का नया हथियार
ISI अपने जिहादी आतंकी खेल में अब केवल जमीन पर नहीं, तकनीक का भी भरपूर इस्तेमाली कर रहा है।
पाकिस्तान से ऑपरेट हो रहे फर्जी सोशल मीडिया अकाउंट से कई चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं जैसें-
• खुद को भारतीय दिखाते हैं
• सिख पहचान का इस्तेमाल करते हैं
• युवाओं को भड़काने वाले कंटेंट फैलाते हैं
सरकार ने ऐसे 100 से अधिक वीडियो और कई अकाउंट ब्लॉक किए हैं।
4 केस जो बता रहे- नेटवर्क फिर एक्टिव
• नाभा जेल ब्रेक का आरोपी इनामी आतंकी कश्मीर सिंह 9 साल बाद लौटा, बिहार में गिरफ्तारी
• बब्बर खालसा से जुड़ा आतंकी हथियार के साथ पकड़ा गया, चंडीगढ़ में हमले की थी तैयारी
• अमृतसर थाने पर हमले के आरोपी 2 आतंकी RDX के साथ गिरफ्तार
• अमृतसर में ग्रेनेड हमले की साजिश नाकाम, 5 आतंकी गिरफ्तार
ये केवल समाचार नहीं, बल्कि एक चेतावनी है, क्योंकि अब लड़ाई केवल बॉर्डर या आमने-सामने नहीं, बल्कि सोशल मीडिया, डेटा और माइंडसेट पर भी हो रही है।
भारत के विरुद्ध साजिशें नई नहीं हैं, लेकिन अब उनका तरीका बदल गया है। जासूसी, सोशल मीडिया और नेटवर्किंग के जरिए देश को अस्थिर करने की कोशिश जारी है।



