दिल्ली
जब आपके संकल्प मजबूत हों और मन में राष्ट्र के लिए निस्वार्थ भाव हो, तो एक साधारण इंसान भी असाधारण पहचान बना लेता है। ऐसा ही कुछ देखने को मिला है, सूरत में जहां के एक सुरक्षा गार्ड जितेंद्रसिंह राठौड़ की कहानी एक प्रेरणा बन कर सामने आई है। बता दें गुजरात के सूरत स्थित एसवीएनआईटी में सुरक्षा गार्ड के रूप में काम करने वाले जितेंद्रसिंह राठौड़ को उनकी अनोखी देशसेवा के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दिल्ली आने का विशेष निमंत्रण दिया है। वर्षों से वे देश के शहीद सैनिकों की जानकारी और तस्वीरें जुटाने का कार्य कर रहे हैं।
जितेंद्र सिंह की आर्थिक स्थिति बेहद सामान्य है। 10 दिन पहले जब प्रधानमंत्री कार्यालय से उन्हें 26 जनवरी के कार्यक्रम में शामिल होने का निमंत्रण मिला, उस समय वे एक शादी समारोह में सुरक्षा ड्यूटी पर थे। उनके बैंक खाते में मात्र 102 रुपये शेष थे। दिल्ली जाने के लिए पैसे न होने की बात जब उन्होंने प्रधानमंत्री कार्यालय को बताई, तो उनकी निष्ठा और देशभक्ति को देखते हुए पीएमओ ने स्वयं जितेंद्रसिंह और उनकी पत्नी के लिए दिल्ली आने-जाने के हवाई टिकट की व्यवस्था की। रिपोर्ट के अनुसार, जितेंद्रसिंह राठौड़ पिछले कई वर्षों से एक मिशन पर काम कर रहे हैं। उन्होंने प्रथम विश्व युद्ध से लेकर कारगिल युद्ध और वर्ष 2026 तक शहीद हुए दो लाख से अधिक सैनिकों की जानकारी और तस्वीरें एकत्र की हैं। इतना ही नहीं, उन्होंने हजारों शहीद परिवारों को पोस्टकार्ड लिखकर अपनी संवेदना भी व्यक्त की है। उनकी इस निस्वार्थ सेवा की सराहना प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पांच महीने पहले ‘मन की बात’ कार्यक्रम में भी की थी। आज एक साधारण सुरक्षा गार्ड की देशभक्ति पूरे देश के लिए प्रेरणा बन गई है।



