देहरादून, उत्तराखण्ड
उत्तराखण्ड सरकार
बाबा नीम करौरी महाराज से जुड़े प्रमुख स्थलों को एक विशेष पर्यटन एवं धार्मिक
सर्किट के रूप में विकसित करने की तैयारी कर रही है। इससे श्रद्धालुओं को बाबा से
जुड़े महत्वपूर्ण स्थानों के दर्शन करने का अवसर मिलेगा और उत्तराखंड में धार्मिक
पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा।
पर्यटन एवं धर्मस्व
मंत्री सतपाल महाराज ने बताया कि इस सर्किट का मुख्य केंद्र कैंची धाम होगा। इसके
साथ ही काकड़ीघाट, नैनीताल का हनुमान मंदिर, ऋषिकेश का हनुमान
मंदिर और वे अन्य स्थान भी सर्किट में शामिल किए जाएंगे,
जहां
बाबा नीम करौरी महाराज गए थे या उन्होंने साधना की थी।
पर्यटन विभाग के
अधिकारियों को बाबा से जुड़े ऐसे सभी स्थानों की जानकारी जुटाने के निर्देश दिए गए
हैं, ताकि
उन्हें व्यवस्थित रूप से सर्किट का हिस्सा बनाया जा सके।
उत्तर प्रदेश के
धार्मिक स्थलों को भी जोड़ा जाएगा
बाबा नीम करौरी
महाराज से जुड़े उत्तर प्रदेश के स्थलों को भी इस सर्किट में शामिल करने की योजना
है। मथुरा में बाबा की समाधि है और वहां कई अन्य स्थान भी बाबा से जुड़े हुए हैं।
इन स्थलों को शामिल करने के लिए उत्तर प्रदेश सरकार से सहयोग लिया जाएगा।
इस संबंध में उत्तराखण्ड
सरकार की ओर से उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से आग्रह किया गया है।
साथ ही पर्यटन मंत्री जयवीर सिंह को भी पत्र भेजा गया है।
संतों के जीवन पर
फिल्म बनाने की अपील
सतपाल महाराज ने यह भी कहा कि बाबा नीम करौरी महाराज की तरह देश के अन्य महान संतों के जीवन और संदेश पर भी फिल्में बनाई जानी चाहिए। उन्होंने महावतार बाबा, हेड़ाखान बाबा, टाट बाबा और लहरी महाशय सहित अन्य संतों पर फिल्म बनाने के लिए बॉलीवुड के निर्माता-निर्देशकों से आग्रह करने की बात कही। उन्होंने कहा कि फिल्मों और अन्य माध्यमों के जरिए देश की महान संत परंपरा और इन संतों के विचारों को नई पीढ़ी तक पहुंचाया जा सकता है। इससे देश-विदेश के लोगों को भारतीय आध्यात्मिक परंपरा और संतों के योगदान को जानने का अवसर मिलेगा।



