योगी सरकार ने दिखाया दम, UP में 6 करोड़ लोग आए गरीबी रेखा से बाहर
उत्तर प्रदेश विकास में तेजी से आगे बढ़ रहा है। बीते आठ वर्षों में राज्य ने गरीबी, रोजगार और आर्थिक आत्मनिर्भरता के क्षेत्र में ऐतिहासिक उपलब्धियां प्राप्त की हैं। जी हां मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में लागू की गई योजनाओं का असर अब स्पष्ट रुप से दिखाई दे रहा है। रिपोर्ट के अनुसार, 2017 से 2025 के बीच उत्तर प्रदेश के लगभग 6 करोड़ लोग गरीबी रेखा से बाहर आए हैं। यह उपलब्धि योजनाबद्ध विकास, कौशल प्रशिक्षण, लघु उद्योगों और स्टार्टअप्स को बढ़ावा देने का परिणाम है।
बता दें उत्तर प्रदेश दिवस 2026 के अवसर पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जनता को संबोधित करते हुए राज्य की उपलब्धियों को साझा किया। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश अब देश के विकास की धुरी बन चुका है। मुख्यमंत्री ने नागरिकों से ‘विकसित उत्तर प्रदेश’ के संकल्प को दोहराने की अपील की और बताया कि उनकी सरकार की सबसे बड़ी उपलब्धि करोड़ों लोगों को गरीबी से बाहर निकालना है।
वही नीति आयोग के आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2015-16 में बहुआयामी गरीबी दर 37.68 प्रतिशत थी, जो 2019-21 तक घटकर करीब 23 प्रतिशत रह गई.. 2017 से 2025 के बीच करीब 5.94 करोड़ लोग गरीबी रेखा से ऊपर उठे। वर्तमान में राज्य सरकार ‘जीरो पॉवर्टी अभियान’ के माध्यम से शेष जरूरतमंद परिवारों को मुख्यधारा से जोड़ने की दिशा में काम कर रही है।
सरकार द्वारा लागू प्रमुख योजनाएं
•ODOP योजना – जिलेवार उद्योग, लाखों रोजगार
•UPSDM – मुफ्त स्किल ट्रेनिंग, रोजगार के अवसर
•कौशल सतरंग – नौकरी और स्वरोजगार को बढ़ावा
•विश्वकर्मा योजना – कारीगरों को प्रशिक्षण और ऋण
•MYUVA – युवाओं को ₹5 लाख तक ब्याज मुक्त ऋण
•स्टार्टअप सीड फंड – नवाचार और रोजगार सृजन
सामाजिक सुरक्षा से मजबूत हुआ आधार
•1.06 करोड़ परिवारों को पेंशन
•15 करोड़ लोगों को खाद्यान्न सुरक्षा
•1.86 करोड़ परिवारों को उज्ज्वला गैस
•4.77 लाख बेटियों को विवाह सहायता
इन योजनाओं ने सामाजिक सुरक्षा को मजबूती दी और जीवन स्तर में सुधार किया। साथ ही राज्य सरकार अब डिजिटल स्किल्स, तकनीकी नवाचार और महिला सशक्तिकरण पर विशेष ध्यान दे रही है, ताकि विकास की गति बनी रहे और लाभ हर वर्ग तक पहुंचे।



