सहारनपुर, उत्तर प्रदेश
कलक्ट्रेट परिसर में मस्जिद के ध्वस्तीकरण के बाद मिले पुराने कुएं की जांच के लिए भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) की टीम सोमवार को पहुंची। टीम ने कुएं की ईंटों, निर्माण शैली और अन्य पुरातात्विक पहलुओं का बारीकी से निरीक्षण किया। प्रारंभिक जांच में कुआं करीब 250 वर्ष पुराना होने का अनुमान लगाया गया है। हालांकि, ASI ने इसे अभी शुरुआती निष्कर्ष बताया है। विस्तृत जांच के बाद ही इसकी सही उम्र और ऐतिहासिक महत्व की पुष्टि हो सकेगी।
लखौरी
ईंटों से बना है कुआं
साथ
ही ASI के सहायक पुरातत्व अधिकारी डॉ. मनोज
कुमार यादव ने बताया कि कुआं लखौरी ईंटों से बना हुआ दिखाई देता है। निर्माण शैली
के आधार पर यह उत्तर मध्यकालीन दौर का प्रतीत हो रहा है। प्रारंभिक अनुमान के
अनुसार इसकी उम्र करीब 250 साल हो सकती है।
उन्होंने
बताया कि सहारनपुर का संबंध हड़प्पा कालीन सभ्यता के इतिहास से भी रहा है और
क्षेत्र में समय-समय पर पुराने ऐतिहासिक अवशेष मिलते रहे हैं। यदि जिला प्रशासन
अनुमति देता है तो कुएं के आसपास खुदाई कराकर और पुरातात्विक तथ्य जुटाए जा सकते
हैं।
इस
बीच, ASI की टीम ने कुएं के अंदर उतरकर उसके
निर्माण और संरचना का बारीकी से निरीक्षण किया। अब विस्तृत जांच के बाद ही कुएं की
वास्तविक उम्र और उसके ऐतिहासिक महत्व को लेकर अंतिम निष्कर्ष सामने आएगा।



