बिजनौर, उत्तर प्रदेश
बिजनौर में 54 हजार महिलाएं बनीं ‘लखपति दीदी’
यूपी के बिजनौर में
महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में एक प्रेरणादायक बदलाव देखने को मिल रहा
है। स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाएं आज न केवल अपने परिवार की आर्थिक स्थिति
मजबूत कर रही हैं, बल्कि समाज में
आत्मनिर्भरता की मिसाल भी बन रही हैं।
जी हां, वर्तमान में बिजनौर में 54 हजार से अधिक महिलाएं ऐसी हैं जिनकी वार्षिक आय एक लाख रुपये से ज्यादा हो चुकी है और वे “लखपति दीदी क्लब” का हिस्सा बन चुकी हैं। साथ ही अहम बात यह है कि स्वयं सहायता समूह से जुड़ी हर पांच में से एक महिला इस क्लब में शामिल हो चुकी है। इससे महिलाओं की आर्थिक स्थिति मजबूत होने के साथ-साथ उनका आत्मविश्वास भी बढ़ा है। जानकारी के अनुसार, जिले में स्वयं सहायता समूहों का गठन वर्ष 2013 में शुरू हुआ था। शुरुआती दौर में महिलाएं अचार और पापड़ जैसे छोटे घरेलू उत्पाद बनाकर अपनी आमदनी बढ़ाने की कोशिश करती थीं। लेकिन समय के साथ उनका मनोबल और काम दोनों बढ़ते गए। अब महिलाएं इलेक्ट्रिक स्कूटी और सेनेट्री पैड जैसे उत्पादों का निर्माण भी कर रही हैं।
इतना ही नहीं, महिलाएं कुपोषण के विरुद्ध भी छह अलग-अलग परियोजनाओं के तहत अभियान चला रही हैं। शहर की मुख्य सड़कों और चौराहों पर संचालित विदुर कैफे में भी महिलाएं फास्ट फूड तैयार कर लोगों को परोसती नजर आती हैं। पिछले वर्ष महिलाओं द्वारा तैयार किए गए उत्पादों को “विदुर ब्रांड” के नाम से बाजार में उतारा गया, जिसे प्रदेश भर में पहचान मिली। इस मॉडल की सफलता को देखते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इसे पूरे प्रदेश में लागू करने की बात भी कही है।
बता दें महिलाओं
की बढ़ती आय को देखते हुए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने “लखपति दीदी क्लब” की शुरुआत की है। इस क्लब में वे महिलाएं शामिल होती हैं जिनकी वार्षिक आय एक
लाख रुपये या उससे अधिक है। बिजनौर जिले में अब 54 हजार से ज्यादा महिलाएं इस क्लब का हिस्सा बन चुकी हैं और
आत्मनिर्भरता की प्रेरणा प्रस्तुत कर रही हैं।



