देहरादून, उत्तराखण्ड
देश में बेहतर कनेक्टिविटी और विकास को बढ़ावा देने के लिए सरकार लगातार बड़े प्रोजेक्ट्स पर काम कर रही है। इसी दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए दिल्ली और देहरादून के बीच सफर को आसान और तेज बनाने वाली बड़ी परियोजना का उद्घाटन किया गया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को उत्तराखण्ड के देहरादून में दिल्ली-देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर का उद्घाटन किया। इस मौके पर केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी भी मौजूद रहे।
इस दौरान प्रधानमंत्री ने एक जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि यह परियोजना विकास की दिशा में एक बड़ी उपलब्धि है। उन्होंने विश्वास जताया कि उत्तराखण्ड आने वाले समय में तेजी से आगे बढ़ेगा और नए अवसर पैदा होंगे। उद्घाटन से पहले प्रधानमंत्री सहारनपुर पहुंचे, जहां उन्होंने दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेस-वे के वाइल्डलाइफ कॉरिडोर का निरीक्षण किया और लोगों से मुलाकात भी की। इसके बाद देहरादून पहुंचकर उन्होंने दाट काली मंदिर में पूजा-अर्चना की।
करीब 13,000 करोड़ रुपये की लागत से बने इस
इकोनॉमिक कॉरिडोर का मुख्य उद्देश्य दिल्ली और देहरादून के बीच यात्रा समय को कम
करना है। इससे न केवल लोगों को सफर में सुविधा मिलेगी, बल्कि पर्यटन और व्यापार को भी बढ़ावा मिलेगा।
बता दें, इस परियोजना की अहम बात यह है कि इसमें एशिया का सबसे लंबा 12 किलोमीटर का एलिवेटेड वाइल्डलाइफ कॉरिडोर और 340 मीटर लंबी सुरंग बनाई गई है, जो आधुनिक इंजीनियरिंग का शानदार उदाहरण है। यह परियोजना उत्तर भारत में विकास और कनेक्टिविटी को नई गति देगी। साथ ही यह स्थानीय लोगों के लिए रोजगार और आर्थिक अवसरों को भी बढ़ाएगी।



