पिथौरागढ़, उत्तराखण्ड
-उत्तराखण्ड के पिथौरागढ़ जिले में लिपुलेख दर्रे से शुरुआत
-लिपुलेख दर्रे के तकलाकोट में बन रही नई आधुनिक मंडी
-जून से शुरू होगा दोनों देशों के बीच सीमाई व्यापार
बता दें पिथौरागढ़ जिले के इस बॉर्डर क्षेत्र में पहले व्यापारी अस्थायी दुकानों के जरिए व्यापार करते थे, लेकिन अब नई व्यवस्था के तहत हर व्यापारी को अलग-अलग पक्की दुकानें दी जाएंगी। जिला प्रशासन के अनुसार, जून महीने से इन दुकानों का आवंटन शुरू हो सकता है। जिला प्रशासन भी इसको लेकर पूरी तरह तैयार है। डीएम आशीष भटगांई ने सभी विभागों को जरूरी तैयारियां करने के निर्देश दिए हैं। सीमा क्षेत्र में नेटवर्क मजबूत करने के लिए बीएसएनएल को काम सौंपा गया है, वहीं गुंजी में शौचालय और पर्यटन सुविधाओं को भी बेहतर बनाया जा रहा है। तकलाकोट, जो लिपुलेख दर्रे के पास स्थित है, लंबे समय से भारत-चीन व्यापार का महत्वपूर्ण केंद्र रहा है। यहां ऊनी कपड़े, नमक और घी जैसे सामान का व्यापार होता है। कोरोना के कारण 2019 से बंद पड़ा यह व्यापार अब करीब 6 साल बाद फिर से शुरू होने की तैयारी में है।इस पहल से न केवल सीमा व्यापार को नई गति मिलेगी, बल्कि स्थानीय व्यापारियों और क्षेत्र की अर्थव्यवस्था को भी बड़ा फायदा होगा।



