कौशांबी, उत्तर प्रदेश
आज के समय में महिलाएं हर क्षेत्र में आगे बढ़
रही हैं और आत्मनिर्भर बनने की प्रेरणा प्रस्तुत कर रही हैं। कभी जो महिलाएं घर की
चारदीवारी तक सीमित थीं, आज वही अपने दम पर परिवार की आर्थिक स्थिति
सुधार रही हैं। ऐसी ही एक प्रेरणादायक कहानी है कौशांबी जिले के हब्बूनगर गांव की
रहने वाली रंजना साहू की, जिन्होंने मेहनत और हौसले से अपनी पहचान बनाई। कभी
पैसों के लिए दूसरों पर निर्भर रहने वाली रंजना साहू आज आत्मनिर्भर बन चुकी हैं।
पहले लोग उन्हें उनके पति के नाम से जानते थे, लेकिन आज वह अपनी स्वयं
की पहचान बना चुकी हैं।
बता दें रंजना का
परिवार आर्थिक रूप से कमजोर था। उनके पति मजदूरी करके घर चलाते थे, जिससे परिवार का खर्च और बच्चों की पढ़ाई ठीक से नहीं हो पाती थी। ऐसे में
रंजना ने वर्ष 2021 में “श्री गणेश महिला स्वयं सहायता समूह” से जुड़ने का निर्णय किया। समूह से जुड़कर उन्होंने CCL और CIF के माध्यम से लोन लिया और उस पैसे से आटा चक्की
और तेल निकालने की मशीन खरीदी। इसके बाद उन्होंने अपने पति के साथ मिलकर काम शुरू
किया। धीरे-धीरे उनका कारोबार बढ़ने लगा और आज वह अच्छी आमदनी कर रही हैं।
रंजना बताती हैं
कि पहले जब भी पैसों की जरूरत होती थी, तो उन्हें दूसरों से उधार
लेना पड़ता था, जिससे उन्हें शर्मिंदगी महसूस होती थी। लेकिन
अब वह स्वयं कमाने लगी हैं और जरूरत पड़ने पर दूसरों की मदद भी कर सकती हैं। आज
रंजना न केवल स्वयं आत्मनिर्भर बनी हैं, बल्कि अन्य महिलाओं को भी
आगे बढ़ने के लिए प्रेरित कर रही हैं। उनका कहना है कि महिलाओं को घर से बाहर
निकलकर कुछ नया करने की कोशिश करनी चाहिए। जब तक महिलाएं स्वयं कदम नहीं बढ़ाएंगी, तब तक वे आत्मनिर्भर नहीं बन पाएंगी। रंजना साहू की यह कहानी बताती है कि अगर
हौसला और मेहनत हो, तो कोई भी महिला अपना जीवन बदल सकती है और समाज
में अपनी अलग पहचान बना सकती है।



