लखनऊ, उत्तर
प्रदेश
'प्रकृति और इंसान का रिश्ता बहुत गहरा है, और अगर हम वनों की रक्षा करेंगे तभी हमारा भविष्य सुरक्षित रहेगा', यह कहना है उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का। अंतरराष्ट्रीय वन दिवस के अवसर पर सीएम योगी लखनऊ में आयोजित ‘अरण्य समागम-राष्ट्रीय वानिकी संवाद’ कार्यक्रम में सम्मिलित होने पहुंचे थे। जहां कार्यक्रम में सीएम योगी ने कहा कि वन हमारे जीवन का आधार हैं। उन्होंने समझाया कि अगर वन होंगे तो जल होगा, जल होगा तो वायु होगी और तभी जीवन संभव है। इस वर्ष की थीम ‘फॉरेस्ट एंड इकोनॉमी’ पर उन्होंने कहा कि हमें वनों को आर्थिक विकास से जोड़ने पर ध्यान देना होगा।
सीएम ने भारतीय परंपरा का उदाहरण देते हुए कहा कि एक पेड़ की कीमत सबसे ज्यादा होती है। आज जो मौसम में बदलाव हो रहा है, उसका कारण प्रकृति के साथ छेड़छाड़ है। इसलिए हमें धरती को मां मानकर उसका सम्मान करना चाहिए। उन्होंने बताया कि पिछले 9 वर्ष में उत्तर प्रदेश में 242 करोड़ से ज्यादा पौधे लगाए गए हैं और एक दिन में 37 करोड़ पौधे लगाकर रिकॉर्ड भी बनाया गया। वन क्षेत्र में भी 559 वर्ग किलोमीटर की बढ़ोतरी हुई है। वही इस वर्ष 35 करोड़ पौधे लगाने का लक्ष्य रखा गया है। साथ ही वन्यजीव संरक्षण में भी यूपी आगे है। बाघों की संख्या 173 से बढ़कर 205 हो गई है, हाथियों की संख्या 232 से बढ़कर 352 हो गई है और गंगा डॉल्फिन की संख्या 2397 तक पहुंच गई है।
आगे सीएम योगी ने कहा कि दुधवा नेशनल पार्क को जल्द एयर कनेक्टिविटी से जोड़ा जाएगा, जिससे वहां पर्यटकों की संख्या बढ़ेगी। साथ ही, मानव-वन्यजीव संघर्ष को आपदा की श्रेणी में शामिल करने वाला यूपी देश का पहला राज्य बन गया है। उन्होंने यह भी बताया कि कार्बन क्रेडिट के माध्यम से किसानों को आर्थिक लाभ दिया जा रहा है और पहली बार 49 लाख रुपये किसानों में बांटे गए हैं। अंत में सीएम ने सभी नागरिकों से अपील की कि हर व्यक्ति “मां के नाम एक पेड़” जरूर लगाए, ताकि पर्यावरण सुरक्षित रहे और आने वाली पीढ़ियों को बेहतर भविष्य मिल सके।



