राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की प्रमुख जन गोष्ठी में ‘पंचपरिवर्तन’ एवं नारी सशक्तिकरण पर हुआ मंथन
नोएडा, 29 मार्च।
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ अपने शताब्दी वर्ष में पूरे देश में प्रमुख जन गोष्ठी का आयोजन कर रहा है। इसी श्रृंखला में आज नोएडा में तीन गोष्ठियों का आयोजन हुआ जिनका उद्देश्य संगठन, संस्कार एवं राष्ट्र सेवा की भावना को सुदृढ़ करना तथा समाज के प्रबुद्ध एवं सक्रिय नागरिकों के साथ संवाद स्थापित करना रहा।
सेक्टर-119 स्थित द मिलेनियम स्कूल में आयोजित गोष्ठी की अध्यक्षता विद्यालय के निर्देशक प्रो. डॉ. महेश गांधी ने की। इस अवसर विशिष्ट अतिथि इंडिया टीवी की सीनियर एडिटर श्रीमती मीनाक्षी जोशी ने कहा कि महिलाओं को समान अवसर, अधिकार और संसाधन उपलब्ध कराना अत्यंत आवश्यक है, ताकि वे जीवन के सभी क्षेत्रों में सक्रिय भागीदारी कर सकें।
कार्यक्रम के मुख्य वक्ता संघ के अखिल भारतीय सह संपर्क प्रमुख श्री रमेश पप्पा ने कहा कि पंचपरिवर्तन एक व्यापक विचार है, जिसका उद्देश्य समाज में सकारात्मक बदलाव लाना है। संघ का मानना है कि केवल राजनीतिक परिवर्तन से नहीं, बल्कि सांस्कृतिक, सामाजिक और आर्थिक स्तर पर परिवर्तन से ही सच्चा परिवर्तन संभव है।
सामुदायिक केंद्र सेक्टर 105 में आयोजीत गोष्ठी की अध्यक्षता पूर्व न्यायमूर्ति लोकपाल सिंह जी ने की और उन्होंने भविष्य में समाज में आने वाली हिन्दू समाज में समस्याओं के बारे में सचेत किया । संघ के मेरठ प्रांत के संघचालक प्रेमचंद कार्यक्रम में मार्गदर्शक के नाते रहे और उन्होंने पंच परिवर्तन पर प्रकाश डाला। कार्यक्रम में मुख्य वक्ता संघ के अखिल भारतीय सह संपर्क प्रमुख भारत भूषण ने संघ की 100 वर्ष की यात्रा , समाज में चुनौतियों एवं उनके समाधान के बारे में बताया।
सेक्टर 12 स्थित सरस्वती शिशु मंदिर में आयोजित गोष्ठी में मुख्य अतिथि सीनियर एडिटर व एंकर डी डी न्यूज़ अशोक श्रीवास्तव ने नागरिक दायित्व पर अपने विचार व्यक्त किए। विशिष्ट अतिथि -श्रीमती पद्मजा पांडेय (पूर्व भारतीय राजदूत राजदूत) ने हिन्दू जीवन शैली में नारियों का योगदान तथा महिला सशक्तिकरण पर अपने विचार रखें।
कार्यक्रम के अध्यक्ष महिपाल सिंह, (निदेशक, इंडियन इंडस्ट्रियल सिक्योरिटी सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड) ने कहा कि व्यक्ति को अपने मार्ग पर सदैव निरंतर प्रयासरत रहने चाहिए।
गोष्ठी के मुख्य वक्ता संघ के अखिल भारतीय सह-प्रचार प्रमुख नरेंद्र ठाकुर ने संघ के 100 वर्ष की यात्रा का वर्णन किया।
तीनों कार्यकम में समाज के विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े अनेक गणमान्य नागरिकों ने अपनी उपस्थित रहे। कार्यक्रम में वक्ताओं द्वारा सभी का जिज्ञासा समाधान भी किया गया।



