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ताइक्वांडो से बेटियों को आत्मनिर्भर बना रहीं शालिनी चौहान

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अलीगढ़, उत्तर प्रदेश

आज के समय में लड़कियों को मजबूत और आत्मनिर्भर बनाना बहुत जरूरी हो गया है।  इसलिए अलीगढ़ की अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी और रेफरी शालिनी चौहान कई वर्षो से जिले की लड़कियों को आत्मरक्षा के गुर सिखा रही हैं। उनके प्रशिक्षण से अब तक 10,000 से ज्यादा बालिकाएं और महिलाएं ताइक्वांडो सीखकर आत्मनिर्भर बन चुकी हैं। यही वजह है कि उत्तर प्रदेश सरकार ने उन्हें ‘बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ’ अभियान और ‘मतदाता जागरूकता मिशन’ का ब्रांड एंबेसडर बनाया है।


शालिनी चौहान बताती हैं कि महिलाओं के खिलाफ बढ़ते अपराधों को देखते हुए लड़कियों के लिए सेल्फ डिफेंस सीखना बहुत जरूरी है। ताइक्वांडो केवल आत्मरक्षा ही नहीं सिखाता, बल्कि रोजगार के अवसर भी देता है। उनके प्रशिक्षित करीब 50 छात्र-छात्राएं आज अलग-अलग स्कूलों में प्रशिक्षक बनकर दूसरों को भी ट्रेनिंग दे रहे हैं। बता दें शालिनी ने वर्ष 1988 में ताइक्वांडो खेलना शुरू किया था और पिछले करीब 26 वर्षों से वह इस खेल की ट्रेनिंग दे रही हैं।  उन्होंने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खिलाड़ी और रेफरी के रूप में देश का प्रतिनिधित्व भी किया है। उनके इस योगदान के लिए उन्हें ‘मलाला अवॉर्ड’  सहित कई सम्मान मिल चुके हैं। इसके अलावा शालिनी समाज के लिए कई सामाजिक काम भी करती हैं। वह लोगों को बेहतर खानपान और स्वास्थ्य के बारे में ऑनलाइन सलाह देती हैं। शालिनी चौहान का सपना है कि देश की हर लड़की मजबूत और आत्मनिर्भर बने, ताकि वह किसी भी परिस्थिति में खुद की रक्षा कर सके और आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ सके।