मथुरा, उत्तर प्रदेश
आज बसंत पंचमी के साथ ही भगवान श्रीकृष्ण की पावन भूमि ब्रज में विश्वप्रसिद्ध 40 दिवसीय होली महोत्सव की औपचारिक शुरुआत हो गई। ब्रज की होली देश-दुनिया में अपनी अनूठी परंपराओं, भक्ति भाव और प्रेम रस के लिए जानी जाती है। यहां होली केवल रंगों का पर्व नहीं, बल्कि राधा-कृष्ण की लीलाओं से जुड़ा जीवंत उत्सव है, जो अगले 40 दिनों तक लगातार चलता रहेगा।
आज के दिन बांके बिहारी जी सहित ब्रज के सभी प्रमुख मंदिरों में ठाकुरजी ने पीले वस्त्र यानी पीतांबर धारण किए। मंदिर परिसरों को सरसों के फूलों से सजाया गया, वहीं टेसू के फूलों से बने प्राकृतिक गुलाल को सबसे पहले राधा-कृष्ण के चरणों में अर्पित किया गया। बसंत पंचमी से शुरू हुआ यह रंगोत्सव अब बरसाना, नंदगांव, वृंदावन और मथुरा में अलग-अलग परंपराओं के साथ मनाया जाएगा।
आगामी प्रमुख आयोजन
-23 जनवरी: नंदभवन में
बसंतोत्सव और बसंती श्रृंगार
-24 फरवरी: बरसाना में
लड्डू होली, नंदगांव में फाग आमंत्रण
-25 फरवरी: बरसाना की
विश्वप्रसिद्ध लट्ठमार होली
-26 फरवरी: नंदगांव
में लट्ठमार होली



