नवरात्र पर योगी की पाती: मातृशक्ति का
सम्मान और सशक्तिकरण ही विकसित यूपी की पहचान
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी
आदित्यनाथ ने शारदीय नवरात्र के अवसर पर प्रदेशवासियों को शुभकामनाएं दीं।
उन्होंने कहा कि मां दुर्गा की महिषासुर पर विजय धर्म और न्याय की पुनर्स्थापना का
प्रतीक है। मां दुर्गा के नौ स्वरूप हमें सिखाते हैं कि अहंकार, जिद, मोह और नकारात्मक सोच पर विनम्रता, साहस, शक्ति, संकल्प, न्याय और धर्म की जीत होती है। सीएम
योगी ने कहा कि मातृशक्ति को सुरक्षित, सम्मानित और आत्मनिर्भर बनाना इसी भावना का आधार है। उन्होंने
प्रदेशवासियों से अपील की कि नवरात्र पर महिलाओं की सुरक्षा, बालिकाओं की शिक्षा और महिलाओं को
आत्मनिर्भर बनाने में योगदान देने का संकल्प लें। ‘योगी की पाती’ में सीएम ने लिखा
कि जब महिषासुर के अत्याचार से तीनों लोकों में हाहाकार मच गया, तब देवताओं की सामूहिक ऊर्जा से
आदिशक्ति का प्राकट्य हुआ।
मां दुर्गा ने महिषासुर का वध कर धर्म और
न्याय की स्थापना की। मुख्यमंत्री ने कहा कि महिषासुरमर्दिनी की विजय और शक्ति की
आराधना के पावन पर्व शारदीय नवरात्र पर वह प्रदेशवासियों को हृदय से शुभकामनाएं
देते हैं। उन्होंने बताया कि लंका विजय से पहले भगवान श्रीराम ने मां जगत जननी की
साधना की थी। पूजा के लिए रखे गए 108 नीलकमलों में एक कमल कम पड़ने पर श्रीराम ने
अपना नयन अर्पित करने का निश्चय किया। तब मां प्रकट हुईं और उन्हें विजय का वरदान
दिया।
आगे सीएम ने कहा कि ममता और वात्सल्य की
प्रतिमूर्ति मां तीनों लोकों की रक्षा के लिए चंडी का रूप धारण करती हैं। वह
मधु-कैटभ, शुंभ-निशुंभ
और रक्तबीज जैसे दानवों का संहार करती हैं। योगी आदित्यनाथ ने कहा कि अहंकार, जिद, मोह और बढ़ती नकारात्मक प्रवृत्तियों पर विनम्रता, साहस, शक्ति, संकल्प, न्याय और धर्म की जीत का संदेश मां के
नौ स्वरूपों में मिलता है। आज भी जब समाज इन बुराइयों से लड़ता है, तब नवरात्र हमें याद दिलाता है कि
सज्जनता तभी प्रभावी होती है, जब
उसमें शक्ति और दृढ़ संकल्प भी हो।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यही शक्ति
मातृशक्ति और पूरे समाज को सुरक्षित, सम्मानित और आत्मनिर्भर बनाने के संकल्प का आधार है। उन्होंने
कहा कि मां विंध्यवासिनी, मां
पाटेश्वरी और मां शाकम्भरी जैसे प्रमुख शक्तिपीठों में नवरात्र के दौरान
श्रद्धालुओं की आस्था और युवाओं की बढ़ती भागीदारी से पता चलता है कि नई पीढ़ी
अपनी सांस्कृतिक विरासत से गहराई से जुड़ रही है। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश आज
आस्था,
संस्कृति और परंपराओं
के पुनर्जागरण का प्रमुख केंद्र बन रहा है। इस भावना को सार्थक बनाने के लिए
बेटियों को शिक्षा, सुरक्षा
और समान अवसर दिए जा रहे हैं।
सीएम योगी ने कहा कि उनकी सरकार ने वर्ष
2020 में शारदीय नवरात्र के अवसर पर मिशन शक्ति अभियान शुरू किया था। इसका
उद्देश्य जनभागीदारी के माध्यम से महिलाओं की सुरक्षा, सम्मान और सशक्तिकरण को बढ़ावा देना था।
उन्होंने कहा कि आज उत्तर प्रदेश पुलिस बल में 44,000 से अधिक महिलाएं कार्यरत
हैं। पुलिस भर्ती में महिलाओं के लिए 20 प्रतिशत आरक्षण सुनिश्चित किया गया है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि ऊदा देवी पासी, झलकारी बाई कोरी और रानी अवंतीबाई लोधी जैसी वीरांगनाओं के नाम
पर तीन महिला पीएसी बटालियन बनाई गई हैं।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री कन्या
सुमंगला योजना के माध्यम से बालिकाओं की शिक्षा और उज्ज्वल भविष्य को बढ़ावा मिल
रहा है। योगी आदित्यनाथ ने बताया कि 10 लाख से अधिक स्वयं सहायता समूहों से जुड़कर
एक करोड़ से अधिक महिलाएं आत्मनिर्भर बनने की दिशा में आगे बढ़ रही हैं।
मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों से अपील की कि नवरात्र के पावन अवसर पर पूजा-पाठ और उपवास के साथ एक और संकल्प लें। वे किसी बहन की सुरक्षा के लिए उसकी आवाज बनें, किसी बालिका की शिक्षा में सहयोग करें और किसी महिला को आत्मनिर्भर बनने में मदद दें। उन्होंने कहा कि आदिशक्ति की आराधना तभी पूरी होगी, जब प्रदेश की मातृशक्ति सुरक्षित, सम्मानित और आत्मनिर्भर बनेगी। इसी से विकसित उत्तर प्रदेश के संकल्प को पूरा करने में मदद मिलेगी।



