नोएडा, उत्तर प्रदेश
भाऊराव देवरस सरस्वती विद्या मंदिर नोएडा में “समर्पण दिवस” के रूप में मनाया गया | इस कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में आदरणीय श्री अनिल जी (प्रान्त प्रचारक, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ, मेरठ प्रान्त) रहे, साथ में श्री प्रदीप गुप्ता जी (प्रान्त संगठन मंत्री, मेरठ प्रान्त), श्री सुशील कुमार सिंघल जी ( मुख्य अतिथि), श्री अभिनव जैन जी ( कार्यक्रम अध्यक्ष), श्री विशोक जी (प्रदेश निरीक्षक, भारतीय शिक्षा समिति मेरठप्रांत), श्री राम वरुण सिंह जी (मंत्री, मेरठ प्रांत), श्री प्रदीप भारद्वाज जी ( मंत्री, शिशु शिक्षा समिति),श्री सोमगिरि गोस्वामी जी (प्रधानाचार्य, सरस्वती विद्या मंदिर नोएडा), श्री देवेन्द्र जी (प्रधानाचार्य, सरस्वती शिशु मंदिर नोएडा), श्रीमती कविता जी (प्रधानाचार्या, सरस्वती बालिका विद्या मंदिर नोएडा), तीनों विद्यालय की प्रबंध समिति के पदाधिकारीगण, अभिभावक, आचार्य, पूर्व छात्र, उपस्थित रहें ।
कार्यक्रम का शुभारंभ सरस्वती वंदना से किया गया। तत्पश्चात अतिथि परिचय विद्यालय के प्रधानाचार्य जी के द्वारा किया गया। कार्यक्रम में विद्यालय की बहिनों द्वारा समूहगान प्रस्तुत किया गया। कार्यक्रम की प्रस्तावना श्रीमान प्रदीप गुप्ता जी द्वारा स्वामी विवेकानंद के जीवन से जुड़े हुए कुछ प्रसंग द्वारा प्रारंभ की गई। साथ ही साथ सभी का मार्गदर्शन करते हुए बताया गया की विद्या भारती को प्रारम्भ करने का क्या उद्देश्य है, यह यह संस्थान किस प्रकार अभावग्रस्त बच्चों को अच्छी शिक्षा प्रदान करती है | इन बच्चों के उत्थान में हमारा भी सहयोग तन से, मन से और धन से होना चाहिए। तभी हम अपने राष्ट्र को परमवैभव की ओर ले जा सकते है, और विश्वगुरु बना सकते हैं। मुख्य वक्ता श्री अनिल जी द्वारा शुभाशीष प्रदान किया गया। जिसमें समर्पण के महत्व को बताते हुए स्वामी विवेकानंद जी का जीवन युवाओं के लिए प्रेरणा बताया, जो समर्पण और देशभक्ति के साथ जीवन जीने की शिक्षा देता है। गुरु गोबिंद सिंह जी की तरह, जिन्होंने अपने चार पुत्रों का बलिदान देश और धर्म की रक्षा के लिए दिया, हमें भी अपने जीवन को देश और समाज के लिए समर्पित करना चाहिए। भारत की सुरक्षा और विकास के लिए सभी को मिलकर काम करना चाहिए। देशभक्ति और समर्पण की भावना से ही व्यक्ति और देश का विकास हो सकता है। वहीं वैष्णवी द्वारा एकल गीत "देश हमें देता है सब कुछ, हम भी तो कुछ देना सीखें" गाया गया। सभी अतिथियों और उपस्थित जनसमूह ने पूजन किया तथा समारोह का समापन वंदेमातरम के भव्य गायन के साथ हुआ। श्री विशोक जी ने सभी का आभार व्यक्त किया और कार्यक्रम का समापन किया।



