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उत्तर प्रदेश की नारी-शक्ति ने भरी हुंकार: आज मैं ऊपर, आसमां नीचे

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उत्तर प्रदेश की नारी-शक्ति ने भरी हुंकार: आज मैं ऊपर, आसमां नीचे  

उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार नारी शक्ति के उत्थान के लिए समर्पित है। प्रदेश में महिला सशक्तीकरण, सामाजिक सुरक्षा, आर्थिक स्वालम्बन, शिक्षा, स्वास्थ्य के लिए कई प्रमुख योजनाएं संचालित की जा रही हैं। इन योजनाओं का असर प्रदेश में जमीनी स्तर पर भी दिखायी दे रहा है।

इस बदलाव की शुरुआत ‘मिशन शक्ति’ और एंटी रोमियो स्कायड जैसे अभियानों से हुई। इन दोनों अभियानों से महिलाओं के अंदर आत्मरक्षा और आत्म सम्मान, स्वाभिमान का भाव जागृत हुआ। स्कूलों, कालेजों में छात्राओं के साथ होनी वाली अपमानजनक घटनाओं से छुटकारा मिला। दोषी तत्वों को तत्काल सजा मिली। इस अभियान के साथ-साथ पिंक बूथों की स्थापना की गयी है। सभी थानों पर महिला हेल्प डेस्क की अलग से स्थापना भी एक क्रांतिकारी कदम के रूप में सामने आयी। अब किसी भी थाने में महिला के पहुंचने पर उसे तत्काल सहायता मिल रही है। इन तीन अभियानों मिशन शक्ति, एंटी रोमियो स्काएड, और महिला थानों में हेल्प डेस्क ने प्रदेश की महिलाओं के मान सम्मान की रक्षा के लिए सरकार की मंशा को स्पष्ट किया। सरकार के सभी 1647 थानों में मिशन शक्ति केंद्र स्थापित करने की ओर सरकार बढ़ रही है। सुरक्षा के साथ साथ सरकार ने महिलाओं के आर्थिक उत्थान के लिए सार्थक प्रयास किये हैं। स्वयं सहायता समूह, लखपति दीदी योजनाओ के माध्यम से उन्हें रोजगार उपलब्ध कराये गए हैं।

उत्तर प्रदेश में स्वयं सहायता समूहों ने ग्रामीण अर्थव्यवस्था की तस्वीर बदल दी है। आज गांवों की महिलाएं चौखट लांघकर अपने हुनर के दम पर बैंकों से जुड़ रही हैं, आजीविका चला रही हैं और अपने परिवार का आर्थिक संबल बन रही हैं। इसके अलावा, बुजुर्ग महिलाओं के लिए लोकमाता अहिल्याबाई मातृशक्ति योजना के तहत बसों में मुफ्त यात्रा जैसी सुविधाएं प्रदान की गई हैं। 

मुख्यमंत्री जी ने कहा कि मेधावी छात्राओं के बीच स्वस्थ प्रतिस्पर्धा को प्रोत्साहित करने के लिए प्रदेश की 50,000 मेधावी बेटियों को स्कूटी प्रदान करने की दिशा में भी सरकार आगे बढ़ रही है। आज उत्तर प्रदेश की बेटियां किसी से कम नहीं हैं। वे शिक्षा, रोजगार, प्रशासन, पुलिस और अन्य सभी क्षेत्रों में तेजी से आगे बढ़ रही हैं। महिला सशक्तीकरण का प्रभाव प्रदेश की कानून-व्यवस्था और पुलिस व्यवस्था में भी दिखाई दे रहा है। वर्ष 2017 से पहले उत्तर प्रदेश पुलिस में लगभग 10,000 महिला पुलिसकर्मी थीं। आज इनकी संख्या बढ़कर लगभग 45,000 हो चुकी है और आने वाले समय में यह संख्या और बढ़ाई जाएगी। 

महिलाओं की सुरक्षा के लिए हेल्पलाइन व्यवस्था भी एक महत्वपूर्ण सहारा है। विमेन पावर लाइन 1090, महिला हेल्पलाइन 181 और आपातकालीन सेवा ‘112’ महिलाओं को संकट की स्थिति में सहायता उपलब्ध कराने के लिए महत्वपूर्ण माध्यम हैं। प्रदेश सरकार ने 1090 और 181 जैसी सेवाओं को एकीकृत आपातकालीन व्यवस्था से जोड़ने की दिशा में भी काम किया है। उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग के अनुसार आपात स्थिति में 112 पर सहायता ली जा सकती है, जबकि आयोग की टोल-फ्री सहायता सेवा ‘1800-180-5220’ भी उपलब्ध है।

महिला सशक्तीकरण की दिशा में ‘वन स्टॉप सेंटर’ अथवा प्रदेश की ‘आपकी सखी-आशा ज्योति केंद्र’ जैसी व्यवस्थाएं विशेष महत्व रखती हैं। हिंसा, उत्पीड़न या संकट से गुजर रही महिलाओं को सहायता, परामर्श और विभिन्न आवश्यक सेवाओं तक पहुंच दिलाने के उद्देश्य से ऐसी संस्थागत व्यवस्थाएं विकसित की गई हैं। उत्तर प्रदेश महिला एवं बाल विकास विभाग के कार्यक्षेत्र में आपकी सखी-आशा ज्योति केंद्रों के संचालन, 181 महिला हेल्पलाइन और राज्य महिला सशक्तीकरण मिशन को शामिल किया गया है।