आधी आबादी को मिली मुखर आवाज
उत्तर प्रदेश की आधी आबादी अब डरती नहीं है, घर से शाम को निकलती है, बेधड़क देर रात लौटती है। क्यों? क्योंकि यहां योगी आदित्यनाथ की भाजपा सरकार है। यहां की महिलाओं को मालूम है कि एक चौराहे पर उसे परेशान किया जाएगा तो अगले चौराहे पर ‘योगी के यमराज’ जरूर मिलेंगे।
योगी जी के लिए महिलाओं की सुरक्षा सर्वोपरि है। इसलिए वे बेझिझक, बेधड़क और अपनी सुरक्षा के प्रति निश्चिंत होकर प्रगति के नये आयाम गढ़ रही हैं। अलावा इसके, योगी जी की सरकार ने नारी सुरक्षा के साथ अनेकानेक ऐसी योजनाओं की शुरूआत की है जिससे महिलाएं हर तरह से समुन्नति और स्वावलम्बन की ओर तेजी से बढ़ रही हैं। सरकार ने इस वर्ष महिला एवं बाल विकास एवे पुष्टाहार विभाग के बजट में 11 प्रतिशत की बढ़ोतरी की है। इस निमित्त 18,620 करोड़ खर्च किये जाएंगे।
महिला कल्याण विभाग के लिए 1049.40 करोड़ रुपये का अतिरिक्त प्रावधान किया गया है। महिलाओं को आवास के लिए सस्ते दर पर ऋण उपलब्ध कराने का निर्णय लिया गया है। महिला पेंशन के लिए 3500 करोड़ रुपये, मुख्यमंत्री सुमंगला योजना के लिए 400 करोड़ रुपये, कामकाजी महिलाओं की सुविधा हेतु छात्रावास योजना में 100 करोड़ रुपये की व्यवस्था की गयी है। मुख्यमंत्री श्रमजीवी महिला छात्रावास के लिए 35 करोड़ रुपये, मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना में 252 करोड़ रुपये, बाल आश्रय योजना भवन निर्माण में 80 करोड़ रुपये, अनुपूरक पुष्टाहार के तहत पोषण सहायता के लिए एक करोड़ 57 लाख रुपये आवंटित किये गये हैं। इसी के साथ लोकमाता अहिल्याबाई मातृशक्ति यात्रा योजना में 100 करोड़ रुपये आवंटित किए गये हैं। राज्य सरकार की मुख्यतः तीन योजनाएं ऐसी हैं जो सर्वथा महिलाओं की आवाज को मुखरता प्रदान कर रही हैं।
मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना में जन्म होते ही बेटियों की चिंता की जाती है। शुरुआती पढ़ाई से स्नातक (ग्रेजुएशन) तक की शिक्षा के लिए छह चरणों में कुल 25 हजार रुपये की आर्थिक सहायता दी जाती है। बेटी के जन्म पर दो हजार दिये जाते हैं, एक वर्ष तक लगने वाले सभी टीकों के लिए एक हजार रुपये दिए जाते हैं। कक्षा एक से लेकर ग्रेजुएशन तक उसे निश्चित समयावधि में शिक्षा के लिए कुल 22 हजार रुपये दिये जाते हैं। यह मदद प्रति परिवार अधिकतम दो बेटियों को मिलती है। अब तक करीब 29 लाख बेटियों को इसका लाभ मिल चुका है।
मुख्यमंत्री सामुहिक विवाह योजना के तहत आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों की लड़कियों को विवाह के लिए ही प्रति जोड़ा एक लाख रुपये की आर्थिक मदद दी जाती है। इसमें 60 हजार सीधे बहू के खाते में दिये जाते हैं, बाकी 40 हजार रुपये वैवाहिक सामग्री और विवाह व्यवस्था के लिए दिया जाता है। इस योजना से करीब साढ़े 27 लाख बेटियां लाभान्वित हो चुकी हैं।
निराश्रित्र महिला पेंशन योजना में पति की मृत्यु के बाद निराश्रित महिलाओं को 1500 रुपये सीधे संबंधित महिला के खाते में दिया जाता है। योगी सरकार आने से पहले यह राशि 500 रुपये थी। योगी जी ने इसे बढ़ाकर 1000 रुपये किया था। अब यह राशि 1500 मासिक कर दी गयी है। पहले करीब 17 लाख महिलाओं को लाभ मिला था। महिला पेंशन की लाभकारी महिलाओं की संख्या अब 38.58 लाख हो गयी है, दोगुने से भी ज्यादा। इसके अलावा मुख्यमंत्री योगी ने घोषणा की है कि 60 वर्ष से ऊपर की सभी महिलाओं को पूरे प्रदेश में सरकारी बसों में मुफ्त बस यात्रा की सुविधा दी जाएगी। वृद्ध महिलाएं इस योजना का लाभ भी ले रही हैं। योजना का नाम रखा गया है लोकमाता अहिल्याबाई मातृशक्ति यात्रा। योगी जी ने प्रदेश के सरकारी प्राइमरी स्कूलों में खाना पकाने वालों का मानदेय भी 2000 रुपये से बढ़ाकर 3000 कर दिया है। खाना पकाने वालों में 93 प्रतिशत महिलाएं हैं। इनके वस्त्रों के लिए एक साल में मिलने वाली राशि 500 रुपये से बढ़ाकर 1000 कर दी गयी है। मुख्य मंत्री योगी आदित्यनाथ ने रक्षाबंधन से पहले प्रदेश की 50 हजार छात्राओं को स्कूटी देने की घोषणा की है। 2027 में यह स्कूटी स्नातक में पढ़ने वाली छात्राओं की दी जाएगी। माना जा रहा है कि अक्टूबर-नवम्बर में उनको स्कूटी देने की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी।




