अयोध्या, उत्तर प्रदेश
7 नवंबर को होने वाले दीपोत्सव की तैयारियों की समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री ने श्रद्धालुओं की सुविधा, सुरक्षा, साफ-सफाई, रोशनी और यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने के निर्देश दिए। बता दें, इस वर्ष दीपोत्सव में आकाश में 2,100 स्वदेशी ड्रोन के माध्यम से रामायण पर आधारित विशेष प्रस्तुति दिखाई जाएगी। इसके साथ ही 3D प्रोजेक्शन, लेजर शो और हरित आतिशबाजी भी आकर्षण का केंद्र होंगे।
राम की पैड़ी पर 200 कलाकार सांस्कृतिक प्रस्तुतियां देंगे। सरयू तट पर भव्य आरती और दीप प्रज्ज्वलन के कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे। आयोजन में करीब 35 हजार स्वयंसेवकों की भागीदारी होगी। साथ ही दीपोत्सव का आयोजन तीन प्रमुख चरणों में होगा।
पहला चरण: साकेत महाविद्यालय से भव्य
शोभायात्रा निकाली जाएगी। इसमें रामायण के प्रसंगों और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के
जरिए भगवान श्रीराम के जीवन और आदर्शों को प्रस्तुत किया जाएगा।
दूसरा चरण: रामकथा पार्क में प्रभु
श्रीराम और माता सीता के प्रतीकात्मक आगमन, भरत मिलाप और श्रीराम
के राज्याभिषेक से जुड़े कार्यक्रम होंगे।
तीसरा चरण: सरयू आरती, दीप प्रज्ज्वलन, रामायण आधारित ड्रोन शो, लेजर प्रस्तुति, हरित आतिशबाजी और अंतरराष्ट्रीय रामलीलाओं का मंचन होगा।
वहीं दीपोत्सव में उत्तर प्रदेश सहित देश के कई राज्यों के लगभग 1,000 कलाकार भाग लेंगे। ये कलाकार विभिन्न राज्यों की लोककलाओं, नृत्य और सांस्कृतिक परंपराओं का प्रदर्शन करेंगे। इसके अलावा 12 देशों के सांस्कृतिक प्रतिनिधियों की भागीदारी प्रस्तावित है। विदेशी राजदूतों और विदेशों में तैनात भारतीय राजनयिकों को भी आमंत्रित किया जा रहा है। डिजिटल माध्यमों से इस आयोजन को पांच करोड़ से अधिक लोगों तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है। अयोध्या का दीपोत्सव केवल दीप जलाने का आयोजन नहीं, बल्कि भगवान श्रीराम के आदर्शों, सनातन परंपरा और भारतीय सांस्कृतिक विरासत को विश्व के सामने प्रस्तुत करने का अवसर है। भव्य शोभायात्रा, सरयू आरती, रामायण आधारित ड्रोन शो और देश-विदेश के कलाकारों की भागीदारी इस आयोजन को विशेष बनाएगी।



