पिथौरागढ़, उत्तराखण्ड
सीमांत
क्षेत्र के विकास की दिशा में एक बड़ी खुशखबरी सामने आई है। जी हां, लंबे प्रतीक्षा के बाद मुनस्यारी के दुर्गम रड़गाड़ी
और बुगडियार गांवों तक बिजली की लाइन बिछाने का काम पूरा हो गया है। और 15 अगस्त यानि
की स्वतंत्रता
दिवस के अवसर पर इन गांवों में पहली बार बिजली की आपूर्ति शुरू हो जाएगी।
बता
दें, बिजली पहुंचने से ग्रामीणों के जीवन में बड़ा बदलाव आएगा। अब उन्हें रात में
लालटेन, मोमबत्ती और सोलर
लाइट पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा। बच्चों की पढ़ाई, मोबाइल संचार, घरेलू काम और अन्य जरूरी सुविधाएं पहले
से अधिक आसान हो जाएंगी।
हालांकि,
भारत-चीन सीमा के पास स्थित इन गांवों तक बिजली पहुंचाना एक महत्वपूर्ण उपलब्धि
मानी जा रही है। ट्रांसफार्मर भी स्थापित कर दिया गया है और औपचारिक शुभारंभ के
बाद पूरा क्षेत्र बिजली की रोशनी से जगमगा उठेगा।
गर्मियों के मौसम में जनजाति समुदाय के कई परिवार अपने मवेशियों के साथ रड़गाड़ी और बुगडियार में रहते हैं। बिजली मिलने से उन्हें काफी राहत मिलेगी और जीवन स्तर बेहतर होगा। साथ ही मल्ला जोहार विकास समिति के अध्यक्ष श्रीराम सिंह धर्मशक्तू ने बताया कि बुगडियार तक बिजली पहुंचने से ग्रामीणों के साथ-साथ सेना, आईटीबीपी और बीआरओ को भी लाभ मिलेगा। इससे सीमांत क्षेत्र में सुविधाएं और मजबूत होंगी।
उन्होंने यह भी बताया कि आगे चलकर मिलम, लास्पा, मर्तोली, बुर्पू, मापा, टोला और गनघर जैसे अन्य सीमांत गांवों को भी बिजली सुविधा से जोड़ने की योजना है। इस परियोजना के तहत लीलम से लगभग 62 किलोमीटर लंबी बिजली लाइन बिछाई जाएगी। ग्रामीणों ने इस पहल का स्वागत करते हुए कहा कि इस स्वतंत्रता दिवस पर उनके गांवों में अंधेरे से मुक्ति और विकास की नई रोशनी दोनों साथ आएंगी।



