बीकेटीसी अध्यक्ष ने गैर-हिंदुओं के प्रवेश पर प्रतिबंध का प्रस्ताव दिया।
साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि हरिद्वार में गंगा के पवित्र घाटों और प्रमुख धार्मिक क्षेत्रों की पहचान कर वहां प्रवेश व्यवस्था पर प्रशासन को दोबारा विचार करना चाहिए। जहां धार्मिक अनुष्ठान और श्रद्धालुओं की आवाजाही ज्यादा रहती है। वहां विशेष नियम बनाए जाने चाहिए। उन्होंने संकेत दिया कि अर्धकुंभ से पहले शासन स्तर पर इस विषय में कोई निर्णय लिया जा सकता है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में अब तक हुई कार्रवाइयों का जिक्र करते हुए हेमंत द्विवेदी ने ‘लैंड जिहाद’ के खिलाफ की गई सख्त कार्रवाई का उदाहरण दिया। उनका कहना था कि वन क्षेत्रों और पहाड़ी इलाकों में अवैध निर्माण पर सरकार ने कड़ा रुख अपनाया है।
अंत में उन्होंने कहा कि उत्तराखंड को देवभूमि के रूप में विशेष पहचान मिली है। यहां चारधाम, अनेक प्राचीन मंदिर और पवित्र नदियों का उद्गम स्थल है। इसलिए राज्य की धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत की सुरक्षा के लिए विशेष संरक्षण बेहद जरूरी है।



