अयोध्या, उत्तर प्रदेश
सावन
माह में इस बार रामलला का झूलन उत्सव पहले से अधिक भव्य और विशेष होगा। जी हां, पहली
बार रामलला मंदिर परिसर के कुबेर टीला पर झूला विराजेंगे और 15 अगस्त से सावन पूर्णिमा तक लगातार 12 दिनों तक झूलन उत्सव मनाया जाएगा।
जानकारी
के अनुसार, राम मंदिर ट्रस्ट ने संतों और धार्मिक समिति के साथ बैठक के बाद यह
निर्णय लिया है। ट्रस्ट के अंतरिम महासचिव कृष्ण मोहन और श्रीरामवल्लभाकुंज के
प्रमुख स्वामी राजकुमार दास की मौजूदगी में हुए विचार-विमर्श के बाद उत्सव की
रूपरेखा तय की गई।
स्वामी
राजकुमार दास ने बताया कि सुरक्षा कारणों से इस वर्ष रामलला को मणिपर्वत झूला मेले
में नहीं ले जाया जाएगा। इसलिए मंदिर परिसर में ही कुबेर टीला पर झूलन उत्सव
आयोजित किया जाएगा। पहले यह उत्सव पांच दिनों का होता था, लेकिन इस बार इसे बढ़ाकर 12
दिनों
का कर दिया गया है।
उत्सव
के दौरान हर दिन शाम 6 बजे से तीन घंटे तक
विशेष कार्यक्रम होंगे। रामलला के समक्ष झूला,
कजरी
गीत, नृत्य और सांस्कृतिक प्रस्तुतियां
आयोजित की जाएंगी। इसमें देश के प्रमुख कलाकारों के साथ संतों और महंतों को भी
आमंत्रित किया जाएगा।
बैठक
में रामलला, राम दरबार, परकोटे और अन्य मंदिरों की व्यवस्थाओं को और बेहतर बनाने पर भी
चर्चा हुई। ट्रस्ट अयोध्या के संतों के लिए दर्शन व्यवस्था को आसान बनाने की योजना
पर विचार कर रहा है। इसके तहत आधार कार्ड के आधार पर एक वर्ष के लिए दर्शन पास
जारी करने का प्रस्ताव भी विचाराधीन है।
इसके अलावा राम मंदिर
के परकोटे में विराजमान महादेव के जलाभिषेक के लिए निरंतर जलधारा की व्यवस्था करने
और विशेष पूजा-अर्चना की व्यवस्था को मजबूत करने पर भी चर्चा की गई।



