मुजफ्फरनगर, उत्तर प्रदेश
श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के
पावन अवसर पर जहां श्रद्धालु कान्हा के जयकारों में डूबे थे, वहीं
उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर से एक नाबालिग बच्ची से जुड़ी बेहद गंभीर घटना सामने
आई है। पुलिस के अनुसार, 14 वर्षीय हिन्दू बच्ची के साथ कथित
तौर पर अमानवीय और घिनौनी करतूत को अंजाम दिया गया।
जानकारी के मुताबिक, बच्ची जन्माष्टमी के अवसर पर राधा का
रूप धारण कर मंदिर जा रही थी। आरोप है कि इसी दौरान समीर, वलीन
और सलमान नाम के युवकों ने उसे अगवा कर लिया और अपने घर ले गए। परिजनों ने बच्ची
की तलाश शुरू की और कथित तौर पर आरोपियों के घर तक पहुंचे, जहां
बच्ची बदहवास हालत में मिली।
परिजनों की सूचना के बाद पुलिस ने मामले में कार्रवाई करते हुए मुख्य
आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी को जेल भेजे जाने की बात सामने आई है, जबकि
अन्य आरोपियों की तलाश जारी है।
लेकिन सवाल यह है कि ऐसी सोच समाज के किस हिस्से से पैदा हो रही है
जो एक बच्ची की आस्था और उसके बचपन को भी नहीं बख्शती? अगर
आज इस पर कड़ा संदेश नहीं दिया गया, तो यह दरिंदे
ऐसे ही हर त्योहार को शर्मसार करते रहेंगे।



