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उत्तर प्रदेश में होमस्टे से महिला सशक्तीकरण को मिल रही नई उड़ान

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 लखनऊ, उत्तर प्रदेश

ग्रामीण पर्यटन गांवों की अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के साथ महिलाओं के लिए रोजगार और स्वरोजगार के नए रास्ते खोल रहा है। जी हां, होमस्टे योजना के माध्यम से महिलाएं अपने घरों को पर्यटकों के ठहरने की सुविधा में बदलकर अच्छी कमाई का अवसर पा रही हैं।

होमस्टे में पर्यटकों को ठहराने के साथ महिलाएं पारंपरिक भोजन, हस्तशिल्प और स्थानीय उत्पादों की बिक्री से भी आमदनी कर रही हैं। इससे गांवों की संस्कृति और स्थानीय उत्पादों को पहचान मिल रही है, वहीं ग्रामीण परिवारों को भी पर्यटन का सीधा लाभ मिल रहा है।

प्रदेश में होमस्टे और बेड एंड ब्रेकफास्ट व्यवस्था में महिलाओं की भागीदारी एक-तिहाई से अधिक हो चुकी है। यह ग्रामीण महिलाओं की बढ़ती भागीदारी और आत्मनिर्भरता की दिशा में एक सकारात्मक कदम है।

जानकारी के अनुसार, पर्यटन विभाग का लक्ष्य 50 हजार नए होमस्टे कमरे जोड़ने का है। इससे आने वाले समय में ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाओं के लिए आतिथ्य सेवा, खानपान और स्थानीय हस्तशिल्प से जुड़े रोजगार के नए अवसर पैदा होने की उम्मीद है। इस पहल से महिलाएं आर्थिक रूप से मजबूत बनेंगी और गांवों के विकास को भी नई गति मिलेगी।