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भारत की युवा शक्ति देश के भविष्य की सबसे बड़ी पूंजी है – स्वान्तरंजन जी

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सिद्धार्थनगर, गोरक्ष

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ, सिद्धार्थनगर द्वारा संघ शताब्दी वर्ष के निमित्त ‘युवा संवाद’ कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मुख्य वक्ता राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के अखिल भारतीय प्रचारक प्रमुख स्वान्तरंजन जी रहे। युवा संवाद कार्यक्रम की अध्यक्षता डॉ. रत्नाकर पाण्डेय ने की, मंच पर विभाग संघचालक रामचंद्र चौधरी मुंशी जी भी उपस्थित रहे।

स्वान्तरंजन जी ने कहा कि, “भारत की युवा शक्ति देश के भविष्य की सबसे बड़ी पूंजी है। युवाओं को राष्ट्र, समाज और संस्कृति के प्रति अपने दायित्वों को समझते हुए सकारात्मक एवं रचनात्मक भूमिका निभानी चाहिए। राष्ट्र निर्माण केवल सरकार का दायित्व नहीं, बल्कि समाज के प्रत्येक व्यक्ति, विशेषकर युवाओं की सक्रिय सहभागिता से ही सशक्त और आत्मनिर्भर भारत का निर्माण संभव है।”


उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे भारतीय संस्कृति, परंपराओं एवं राष्ट्र के गौरवशाली इतिहास को समझें तथा अपने जीवन में अनुशासन, सेवा, समरसता और राष्ट्रभक्ति जैसे मूल्यों को अपनाएं। संघ शताब्दी वर्ष के अवसर पर समाज के विभिन्न वर्गों के बीच संवाद एवं संपर्क को अधिक व्यापक बनाने पर बल दिया।

कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं को राष्ट्र निर्माण की दिशा में प्रेरित करना तथा उनमें सामाजिक एवं राष्ट्रीय दायित्वों के प्रति जागरूकता उत्पन्न करना रहा। संगोष्ठी में उपस्थित युवाओं ने ‘युवा संवाद’ के माध्यम से राष्ट्र एवं समाज से जुड़े विभिन्न विषयों पर अपने विचार एवं जिज्ञासाएं रखीं। मुख्य वक्ता ने युवाओं के प्रश्नों का समाधान करते हुए उन्हें समाजहित में सक्रिय योगदान के लिए प्रेरित किया।