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परिवार को बिखरने से बचाने की जिम्मेदारी परिवार के सभी सदस्यों की है - डॉ. कृष्ण गोपाल जी

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 मुजफ्फरपुर, बिहार

विजयादशमी उत्सव के उपलक्ष्य में मुजफ्फरपुर क्लब के मैदान में आयोजित पथ संचलन में सैकड़ों स्वयंसेवकों ने पूर्ण गणवेश में भाग लिया। विजयादशमी उत्सव में स्वयंसेवकों को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सह सरकार्यवाह डॉ. कृष्ण गोपाल जी का पाथेय प्राप्त हुआ।

उन्होंने देश में जनसंख्या असंतुलन पर चिंता व्यक्त की और कहा कि स्वतंत्रता के बाद देश में 90 प्रतिशत हिन्दू आबादी थी, लेकिन आज घटती जा रही है। इस पर भी हिन्दू समाज को विचार करना चाहिए।

उन्होंने नशे की समस्या पर चिंता जताते हुए कहा कि यह देश के युवाओं को मौत की ओर धकेल रहा है। सिर्फ पंजाब में ही 30 लाख युवा इसके शिकार हैं। उन्होंने समाज से नशे के खिलाफ अभियान चलाने की अपील की। उन्होंने कहा कि युवाओं को नशे की दुनिया से निकालना हम सभी की जिम्मेदारी है।


परिवार को बिखरने से बचाने की जिम्मेदारी हम सभी की

सह सरकार्यवाह जी ने कहा कि सहनशीलता में कमी के कारण इन दिनों युवाओं में आत्महत्या की प्रवृत्ति बढ़ रही है। उन्होंने कुटुंब प्रबोधन की आवश्यकता पर बल देते हुए कहा कि परिवार को बिखरने से बचाने की जिम्मेदारी माता, पिता, बेटा और बेटी यानि परिवार के सभी सदस्यों की है। परिवार में रहने, चलने और मिलकर विचार करने की प्रवृत्ति को बढ़ावा देना होगा। परिवार में गीता, रामायण, रामचरित मानस, भाष्य, टीका संहिता आदि का पाठ नियमित रूप से होना चाहिए।

उन्होंने कहा कि उपभोक्तावाद और पर्यावरण संकट विश्व की दो सबसे बड़ी समस्याएं हैं। आज बड़ी-बड़ी कंपनियां आकर्षक तरीके से अपने प्रोडक्ट का विज्ञापन देकर लोगों को अधिक से अधिक सामान खरीदने के लिए लुभाती हैं। लोग इसमें फंस कर सामान खरीदते भी हैं, और उसके बाद आर्थिक परेशानी से झूझने को विवश हो जाते हैं।

संघ का उद्देश्य समस्याओं पर विचार कर निर्णय लेना

डॉ. कृष्ण गोपाल जी ने कहा कि आज देश में 90 हजार से अधिक शाखाएं हैं। 40 हजार से अधिक गांवों में नियमित रूप से शाखा लगती है। संगठन अब अच्छे स्वरूप में आ रहा है। लेकिन यह ऐसे ही नहीं हुआ। इसके लिए संघ के स्वयसवकों ने अपना योगदान दिया है। संघ संस्थापक डॉ. केशव बलिराम हेडगेवार जी का उद्देश्य देश को अधिक वैभवशाली बनाने के लिए लोगों को एकजुट करना था। सभी लोग समस्या पर मिलकर विचार करें और निर्णय लेकर समाधान को क्रियान्वित करें। उन्होंने कहा कि जब सज्जन लोग एक साथ नहीं बैठते हैं, मिलकर समस्या पर विचार नहीं करते हैं और निर्णय नहीं लेते हैं तो दुष्ट लोग अपना प्रभाव बनाने लगते हैं। दुष्ट, अत्याचारी लोगों को सज्जन लोगों की एकजुटता के बल पर ही परास्त किया जा सकता है।


पुष्पवर्षा से पथ संचलन का स्वागत

इससे पहले स्वयंसवकों ने पूर्ण गणवेश में शहर में पथ संचलन किया। मुजफ्फरपुर क्लब से निकला पथ संचलन शहर के विभिन्न मार्गों से गुजरने के बाद पुनः क्लब परिसर में ही पहुंचकर समाप्त हुआ। मार्ग में लोगों ने पुष्प वर्षा कर स्वयंसवकों का स्वागत किया। मुजफ्फरपुर आगमन पर सह सर सरकार्यवाह जी ने साधु-संतों और मठ-मंदिरों के पुजारियों और कथावाचकों के साथ भी बैठक की। जिसमें हिन्दू समाज की कुरीतियों को दूर करने के लिये समन्वय बनाकर काम करने, समाज की कमजोरी पर विचार करने और कथाओं में हिन्दू समाज की एकजुटता के लिए अपील करने का आग्रह किया।