• अनुवाद करें: |
मुख्य समाचार

दंगों में नुकसान अब पड़ेगा भारी...उत्तराखण्ड में दोषियों से होगी सीधी वसूली

  • Share:

  • facebook
  • twitter
  • whatsapp

अब उत्तराखण्ड राज्य में हड़ताल, बंद और उग्र प्रदर्शनों के दौरान सार्वजनिक और निजी संपत्तियों को नुकसान पहुंचाने वालों के खिलाफ अब कड़ी आर्थिक कार्रवाई का रास्ता साफ हो गया है। गृह विभाग ने क्षतिपूर्ति वसूली के लिए विस्तृत नियमावली तैयार कर ली है, जिसके तहत नुकसान की भरपाई सीधे जिम्मेदार व्यक्तियों से की जाएगी...

 नुकसान की भरपाई अब बाजार दर पर

नई व्यवस्था के अनुसार, संपत्ति के नुकसान का आंकलन बाजार मूल्य के आधार पर किया जाएगा। यदि ऐसी घटनाओं के दौरान किसी व्यक्ति की मृत्यु होती है, तो दोषियों को मृतक के आश्रितों को 7 लाख रुपये तक की क्षतिपूर्ति देनी होगी, जबकि गम्भीर रूप से घायल होने की स्थिति में 2 लाख रुपये का प्रावधान है।

 हर घटना की वीडियो रिकॉर्डिंग बनेगी सबूत

नियमावली में हर प्रदर्शन की अनिवार्य वीडियो रिकॉर्डिंग को साक्ष्य के रूप में शामिल किया गया है। इससे दोषियों की पहचान और कार्रवाई की प्रक्रिया और अधिक पारदर्शी और प्रभावी होगी।

 जांच, नोटिस और वसूली की पूरी प्रक्रिया तय

नुकसान का आकलन करने के लिए अधिकृत अधिकारियों या समितियों द्वारा घटनास्थल का निरीक्षण कर विस्तृत रिपोर्ट तैयार की जाएगी। रिपोर्ट के आधार पर आरोपितों को नोटिस जारी किया जाएगा और निर्धारित समय में भुगतान न करने पर राजस्व वसूली की कार्रवाई की जा सकेगी।

कानून-व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम

यह पहल राज्य में कानून-व्यवस्था को मजबूत करने और सार्वजनिक संपत्तियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

यह नई नियमावली साफ संकेत देती है कि अब उग्र प्रदर्शनों के दौरान सार्वजनिक और निजी संपत्तियों को नुकसान पहुंचाना आसान नहीं होगा, जवाबदेही तय होगी और दोषियों को इसकी कीमत चुकानी पड़ेगी...