मेरठ, उत्तर प्रदेश
मेरठ के अरुण कुमार अपने इलाके में ऊर्जा दाता बन गए हैं। यह नाम उन्हें खुद राष्ट्र के मुखिया प्रधानमन्त्री नरेन्द्र मोदी ने दिया है। 29 मार्च को पीएम मोदी रेडियो के माध्यम से ‘मन की बात’ कर रहे थे। तभी उन्होंने मेरठ के सरूरपुर क्षेत्र के किसान अरुण कुमार का नाम लिया और उन्हें “ऊर्जा दाता” बताया।
दरअसल अरुण कुमार ने सोलर ऊर्जा के क्षेत्र में एक अनोखी पहल की है। उन्होंने एक AI आधारित मोबाइल सिस्टम तैयार किया है, जिसके माध्यम से किसान अपनी अतिरिक्त बिजली सीधे उपभोक्ताओं तक पहुंचा सकते हैं। इस तकनीक के जरिए सोलर पैनल से बनी अतिरिक्त बिजली स्मार्ट मीटर में रिकॉर्ड होती है और मोबाइल ऐप के माध्यम से एक जगह से दूसरी जगह ट्रांसफर की जा सकती है। नई दिल्ली में आयोजित AI समिट में इस तकनीक का लाइव प्रदर्शन भी किया गया। जहां मेरठ से दिल्ली तक मोबाइल के माध्यम से बिजली ट्रांसफर कर दिखाई गई। अब तक किसान अपनी बिजली 2.5 से 3 रुपये प्रति यूनिट में बेचते थे। जबकि उपभोक्ताओं को वही बिजली 6 से 8 रुपये में मिलती थी। लेकिन इस नए मॉडल में किसान सीधे 5 रुपये प्रति यूनिट में बिजली बेच सकता है। जिससे किसान की आय बढ़ेगी और उपभोक्ता को सस्ती बिजली मिलेगी। अब किसान केवल अन्नदाता ही नहीं, ऊर्जा दाता भी बन सकता है । यह पहल न केवल सोलर ऊर्जा को बढ़ावा दे रही है…बल्कि आत्मनिर्भर भारत के सपने को भी साकार कर रही है। तकनीक और खेती का ये संगम नए भारत की नई पहचान बन रहा है, जहां हर किसान अब देश के विकास में नई ऊर्जा जोड़ रहा है।



