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रिटायर्ड शिक्षक की ‘विमला जन रसोई’ बनी गरीबों का सहारा

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फर्रुखाबाद, उत्तर प्रदेश

रिटायर्ड शिक्षक चंद्रप्रकाश बाथम चला रहे हैं रसोई

मात्र 10 रुपये में भरपेट और पौष्टिक भोजन

जरूरतमंदों को मुफ्त में भी दिया जाता है खाना

 यूपी के फर्रुखाबाद में एक रिटायर्ड शिक्षक ने जरूरतमंदों के लिए सस्ती और सम्मानजनक भोजन व्यवस्था शुरू की है। फर्रुखाबाद के हाथीखाना क्षेत्र में रहने वाले रिटायर्ड शिक्षक चंद्रप्रकाश बाथम विमला जन रसोईनाम से एक खास रसोई चला रहे हैं। यह रसोई उनके घर से ही संचालित होती है और उनकी दिवंगत पत्नी विमला जी की याद में शुरू की गई है। बाथम जी का मानना है कि इंसान की सेवा ही भगवान की सेवा है, इसलिए उन्होंने इस नेक काम को अपना मिशन बना लिया।

यह जन रसोई हर दिन शाम 6 बजे से रात 9 बजे तक खुलती है। यहां सिर्फ 10 रुपये में भरपेट खाना मिलता है। खाने में चावल, दाल, छोले, रोटी, सलाद, पापड़ और मौसमी सब्जी शामिल होती है। खास बात यह है कि मेन्यू रोज बदलता रहता है, जिससे लोगों को अलग-अलग स्वाद मिल सके। भोजन पूरी साफ-सफाई और घर जैसे स्वाद के साथ बनाया जाता है।

इस रसोई की सबसे बड़ी खासियत इसका सेवा भाव है। अगर कोई गरीब व्यक्ति 10 रुपये भी नहीं दे सकता, तो उसे मुफ्त में खाना दिया जाता है। यहां लोगों को बैठाकर सम्मान के साथ सजी हुई थाली परोसी जाती है, जिससे उन्हें आत्मसम्मान भी महसूस होता है। यह पहल समाज के लिए एक प्रेरणा है, जो दिखाती है कि छोटे प्रयास भी बड़ी मदद बन सकते हैं।