अयोध्या, उत्तर प्रदेश
दीपावली का पर्व आते
ही अयोध्या की भव्यता और आध्यात्मिक वातावरण देखते ही बनता है। इस बार
दीपोत्सव-2026 को और भी भव्य एवं अलौकिक बनाने की तैयारी की जा रही है। रामनगरी के
56 घाटों पर 26,50,101 दीप जलाने का लक्ष्य रखा गया है,
जिससे
अयोध्या दीपों की रोशनी से जगमगा उठेगी।
इस भव्य दीप
प्रज्ज्वलन में करीब 35 हजार वालंटियर्स हिस्सा लेंगे। राम की पैड़ी,
लक्ष्मण
किला घाट, चौधरी चरण सिंह घाट और भजन संध्या स्थल घाट सहित विभिन्न घाटों
पर दीप जलाए जाएंगे।
ड्रोन लाइट और ग्रीन
फायर शो होगा खास आकर्षण
दीपोत्सव के दौरान
श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए कई आकर्षक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। राम की
पैड़ी से ड्रोन लाइट शो और सरयू आरती स्थल से ग्रीन फायर शो का आयोजन किया जाएगा।
रामकथा पार्क में
भारत के साथ-साथ विभिन्न देशों की रामलीलाओं का मंचन भी होगा। इंडोनेशिया,
थाईलैंड,
रूस,
नेपाल
और श्रीलंका सहित अन्य देशों के रामलीला दल अपनी प्रस्तुतियां देंगे।
मंदिर-मठ और चौराहे
भी होंगे रोशन
दीपोत्सव के अवसर पर 240 से अधिक प्रमुख मंदिरों और मठों में दीप प्रज्ज्वलित किए जाएंगे। इसके साथ ही अयोध्या के 25 प्रमुख चौराहों पर भी दीप जलाए जाएंगे। शहर के विभिन्न प्रमुख स्थलों पर प्रकाश व्यवस्था की जाएगी, जिससे पूरी अयोध्या दीपों और रोशनी से सजी नजर आएगी।
1000 लोक कलाकार
दिखाएंगे भारत की सांस्कृतिक विविधता
दीपोत्सव में देश के अलग-अलग राज्यों से आए करीब 1000 लोक कलाकारों द्वारा भव्य सांस्कृतिक शोभायात्रा निकाली जाएगी। पश्चिम बंगाल, ओडिशा, झारखंड, मध्य प्रदेश, गुजरात, राजस्थान, बिहार, आंध्र प्रदेश और महाराष्ट्र सहित विभिन्न राज्यों के कलाकार इसमें हिस्सा लेंगे। शोभायात्रा में रामायण के विभिन्न प्रसंगों पर आधारित झांकियां और प्रदर्शनियां भी आकर्षण का केंद्र रहेंगी।
अयोध्या के अलग-अलग
स्थानों पर सांस्कृतिक कार्यक्रम
गुप्तार घाट,
बड़ीदेवी
काली, हनुमान गुफा, बिरला धर्मशाला,
भरतकुंड
और तुलसी उद्यान सहित अयोध्या के विभिन्न स्थलों पर लोक कलाकारों द्वारा
सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दी जाएंगी।
दीपों से सजेगी
रामनगरी
दीपोत्सव-2026 के लिए करीब 6 करोड़ 75 लाख रुपये की अनुमानित धनराशि खर्च होने की संभावना बताई गई है। इसमें दीप और सरसों के तेल की व्यवस्था, स्वयंसेवकों के लिए भोजन, आवश्यक सामग्री, मंदिरों एवं प्रमुख स्थानों की लाइटिंग और इवेंट मैनेजमेंट सहित विभिन्न व्यवस्थाएं शामिल हैं। दीपोत्सव केवल दीप जलाने का आयोजन नहीं, बल्कि अयोध्या की आध्यात्मिक आस्था, भारतीय संस्कृति और रामकथा की वैश्विक परंपरा को एक साथ प्रस्तुत करने वाला उत्सव बनने जा रहा है। इस बार जब 26,50,101 दीप एक साथ प्रज्ज्वलित होंगे, तो रामनगरी का दृश्य श्रद्धा, संस्कृति और प्रकाश से भर उठेगा।



