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महिलाओं के लिए प्रेरणा बनीं ग्रेटर नोएडा की झलक राघव

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ग्रेटर नोएडा, उत्तर प्रदेश

आज की महिलाएं मेहनत और आत्मविश्वास के बल पर हर क्षेत्र में अपनी पहचान बना रही हैं। इसी कड़ी में ग्रेटर नोएडा की रहने वाली झलक राघव ऐसी ही एक प्रेरणादायक महिला हैं। जो अपनी मेहनत से आत्मनिर्भर बनी,और कई अन्य महिलाओं के लिए प्रेरणा बन गई हैं, बता दें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के वोकल फॉर लोकल और स्वदेशी के विजन को आगे बढ़ाते हुए झलक राघव ने तीन साल पहले एक खाद्य प्रसंस्करण फैक्ट्री शुरू की। उनकी फैक्ट्री में पास्ता, मैक्रोनी और अन्य नूडल्स बनाए जाते हैं, जिनकी मांग आज पूरे दिल्ली-एनसीआर में है। शुरुआत में फैक्ट्री में रोजाना केवल एक हजार किलो उत्पादन होता था, लेकिन आज यह बढ़कर करीब दस हजार किलो प्रतिदिन तक पहुंच गया है। झलक राघव की इस फैक्ट्री में वर्तमान में करीब 20 महिलाएं काम कर रही हैं, जिससे उनके परिवारों की आजीविका चल रही है।

बता दें झलक राघव ने वर्ष 2022 में प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्योग उन्नयन योजना के तहत उद्यान विभाग के माध्यम से आवेदन किया था। इसके बाद उन्हें बैंक से 27 लाख रुपये का ऋण मिला, जिसमें से 10 लाख रुपये पर 35 प्रतिशत यानी साढ़े तीन लाख रुपये की सब्सिडी भी प्राप्त हुई। झलक ने सूरजपुर औद्योगिक क्षेत्र में किराये की बिल्डिंग में ‘ग्रो फूड’ नाम से फैक्ट्री शुरू की। शुरुआत में पांच महिलाओं के साथ पास्ता और मैक्रोनी बनाने का काम शुरू हुआ। धीरे-धीरे उन्होंने गौतमबुद्ध नगर के व्यापारियों से संपर्क किया और फिर दिल्ली, गाजियाबाद, हापुड़, बुलंदशहर, साहिबाबाद, गुरुग्राम और फरीदाबाद तक अपने उत्पादों की सप्लाई शुरू की। आज उनकी फैक्ट्री से हर महीने करीब 300 क्विंटल नूडल्स की आपूर्ति लगभग एक हजार व्यापारियों को की जा रही है। बाजार में उनके उत्पादों की मांग लगातार बढ़ रही है और उन्हें लगातार नए ऑर्डर मिल रहे हैं। वही झलक राघव का कहना है कि आने वाले समय में वे और बड़ी मशीनें लगाने तथा उत्पादन क्षमता बढ़ाने की योजना बना रही हैं। उनकी यह सफलता महिलाओं के सशक्तिकरण और आत्मनिर्भर भारत की दिशा में एक मजबूत कदम है।