ग्रेटर नोएडा, उत्तर प्रदेश
उच्च शिक्षा मंत्री योगेन्द्र उपाध्याय ने बताया कि यह निर्णय उत्तर प्रदेश निजी विश्वविद्यालय अधिनियम, 2019 के तहत लिया गया है। इस कानून के अनुसार विश्वविद्यालय की स्थापना और संचालन के लिए सभी जरूरी नियमों का पालन किया जाएगा। मेट्रो विश्वविद्यालय में अलग-अलग विषयों में डिग्री, डिप्लोमा और रिसर्च के कोर्स चलाए जाएंगे। इससे ग्रेटर नोएडा और आसपास के क्षेत्रों के छात्रों को बेहतर शिक्षा के अवसर मिलेंगे। साथ ही दिल्ली-एनसीआर के छात्रों को भी फायदा होगा।
सरकार
का कहना है कि इस विश्वविद्यालय में आधुनिक क्लासरूम, लाइब्रेरी, लैब और रिसर्च सेंटर जैसी सुविधाएं
विकसित की जाएंगी। इससे न सिर्फ शिक्षा का स्तर सुधरेगा, बल्कि युवाओं के लिए नए अवसर भी तैयार
होंगे। यह
निर्णय उत्तर प्रदेश को शिक्षा का बड़ा केंद्र बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण
कदम माना जा रहा है।



