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भगवान बदरीविशाल के अभिषेक के लिए तैयार हुआ तिल का तेल

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- नरेंद्रनगर राजमहल में पारंपरिक रूप से तिल का तेल तैयार

- 23 अप्रैल को खुलेंगे बदरीनाथ धाम के कपाट

भगवान बदरी-विशाल के कपाट खुलने से पहले पारंपरिक तैयारियां शुरू हो गई हैं। इसी कड़ी में नरेंद्रनगर राजमहल में सदियों पुरानी परंपरा के तहत अभिषेक के लिए विशेष तेल तैयार कर बदरीनाथ धाम के लिए भेजा गया। जानकारी के अनुसार, नरेंद्रनगर स्थित राजमहल में महारानी माला राज्य लक्ष्मी शाह की अगुआई में सुहागिन महिलाओं ने भगवान बदरीनाथ के अभिषेक के लिए तिलों का तेल तैयार किया। यह परंपरा कई वर्षों से निभाई जा रही है।

महिलाओं ने तिलों के तेल में खास जड़ी-बूटियां मिलाकर उसे तेज आंच पर पकाया, ताकि वह पूरी तरह शुद्ध हो सके। इसके बाद तेल को चांदी के कलश में भरा गया। राजमहल में डिमरी केंद्रीय धार्मिक पंचायत के पुजारियों और राज परिवार ने इस तेल कलश की विधिवत पूजा-अर्चना की। पूजा के बाद प्रसाद वितरित किया गया और फिर राज परिवार ने यह तेल कलश (गाडू घड़ा) पंचायत को सौंप दिया। महारानी माला राज्य लक्ष्मी शाह ने भगवान बदरीनाथ से देश और प्रदेश में सुख-शांति और समृद्धि की कामना की। शाम को नरेंद्रनगर राजमहल से सजे-धजे रथ में तेल कलश की भव्य शोभा यात्रा बदरीनाथ धाम के लिए रवाना हुई, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए। गौरतलब है कि भगवान बदरीनाथ धाम के कपाट 23 अप्रैल को सुबह 6:15 बजे श्रद्धालुओं के दर्शन के लिए खोल दिए जाएंगे।