आगरा, उत्तर प्रदेश
आगरा में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के 100 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर एक विराट हिन्दू सम्मेलन का आयोजन किया गया। इस सम्मेलन में संतों, समाजसेवियों और वक्ताओं ने हिन्दू एकता और सनातन संस्कृति पर अपने विचार रखे। वहीं इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रद्धालु और कार्यकर्ता मौजूद रहे। विराट हिन्दू सम्मेलन में देवकीनंदन जी महाराज मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। कार्यक्रम के मुख्य वक्ताओं में सह क्षेत्र संपर्क प्रमुख हरीश जी भाई साहब, पूज्य साध्वी समाहिता जी, पहलगाम हमले में शहीद शुभम द्विवेदी की पत्नी ऐशान्या, और समाजसेवी रजत अस्थाना जी शामिल रहे। सभी संतों और वक्ताओं के विचारों से उपस्थित लोगों को मार्गदर्शन मिला।
सम्मेलन में संतों के ओजस्वी संबोधनों ने हिन्दू एकता, राष्ट्रप्रेम और सांस्कृतिक चेतना को और मजबूत करने का संदेश दिया। वही पूज्य देवकीनंदन ठाकुर जी महाराज ने अपने संबोधन में आगरा की पहचान, ताजमहल के साथ-साथ यमुना तट, प्राचीन मंदिरों और सनातन परंपरा की चर्चा की। उन्होंने कहा कि आगरा की पहचान केवल ताजमहल तक सीमित नहीं होनी चाहिए।
महाराज श्री ने काशी विश्वनाथ, मथुरा की कृष्ण जन्मभूमि और सनातन परंपराओं से जुड़े विषयों पर भी अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि मथुरा में ठाकुर जी के भव्य मंदिर के निर्माण का संकल्प लिया गया है और इसके लिए संघर्ष जारी रहेगा। आगे ठाकुर देवकीनंदन महाराज ने कहा, कि हम हिन्दू-मुस्लिम नहीं करते, हमें काशी, मथुरा दे दो, हम घी बूरा खिलाएंगे, दावत देंगे। दो कदम हम चलेंगे दो कदम तुम चलो, लेकिन ये नहीं चलेगा कि मंदिर तोड़ देंगे। ये सनातनियों का देश है। ये राम कृष्णा का देश है। अतिथि देवा भव है, लेकिन घर में नहीं घुसने देंगे। उन्होंने युवाओं और परिवारों से अपने बच्चों को संस्कार, शास्त्र और आत्मरक्षा का ज्ञान देने की अपील की। साथ ही सनातन प्रतीकों को अपनाने और आपसी एकता बनाए रखने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि समाज को एक-दूसरे के खिलाफ नहीं, बल्कि साथ चलकर आगे बढ़ना चाहिए।
कार्यक्रम में पहलगाम आतंकी हमले में शहीद शुभम द्विवेदी की पत्नी ऐशान्या द्विवेदी ने भी अपनी बात रखी। उन्होंने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि उनके पति की हत्या केवल उनकी धार्मिक पहचान के कारण की गई। उन्होंने ऐसी घटनाओं के खिलाफ समाज को जागरूक और एकजुट रहने की अपील की।




