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मुजफ्फरनगर की विधि मलिक ने लिखी आत्मनिर्भरता की नई कहानी

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 मुजफ्फरनगर, उत्तर प्रदेश

आज की नारी केवल घर की चारदीवारी तक सीमित नहीं है, बल्कि अपनी मेहनत, हुनर और आत्मविश्वास के दम पर सफलता की नई कहानियां लिख रही है। शिक्षा हो, व्यापार हो, विज्ञान हो या खेल का मैदान महिलाएं हर क्षेत्र में अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा रही हैं। आज महिलाएं न केवल अपने सपनों को पूरा करना चाहती हैं, बल्कि अपने परिवार और समाज को भी आगे बढ़ाने का संकल्प लेकर चल रही हैं।

ऐसी ही  एक प्रेरणादायक कहानी है मुजफ्फरनगर जिले के बुढ़ाना क्षेत्र के गांव खेड़ा मस्तान की 25 वर्षीय युवा उद्यमी विधि मलिक की। उन्होंने नौकरी की सीमाओं से आगे बढ़कर अपना कारोबार शुरू करने का निर्णय किया और आज 40 से अधिक ग्रामीण महिलाओं को रोजगार से जोड़कर उन्हें आत्मनिर्भर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं।

नौकरी छोड़कर चुनी उद्यमिता की राह

बता दें, विधि मलिक ने वर्ष 2020 में बीटेक की पढ़ाई पूरी करने के बाद एक निजी कंपनी में नौकरी शुरू की। कोविड संक्रमण के कारण उन्हें नौकरी छोड़कर घर लौटना पड़ा। इसके बाद उन्होंने सरकारी नौकरी की तैयारी करने का सपना देखा, लेकिन एक दुर्घटना में हाथ में फ्रैक्चर होने के कारण उन्हें कठिन परिस्थितियों का सामना करना पड़ा।

हालांकि, विधि ने मुश्किलों के आगे हार नहीं मानी। उन्होंने कारोबार की बारीकियां सीखने के लिए एमबीए किया और फैशन डिजाइनिंग में डिप्लोमा भी प्राप्त किया। विदेश में नौकरी का अवसर मिलने के बावजूद उन्होंने अपने गांव में रहकर खुद का व्यवसाय शुरू करने और दूसरी महिलाओं को रोजगार देने का रास्ता चुना।

कपड़ों के कारोबार से जुड़ीं 40 से अधिक महिलाएं

विधि ने दूल्हा-दुल्हन की ड्रेस, ब्राइडल एंट्री चादर, दुपट्टे और माता रानी व कान्हा की पोशाक बनाने का काम शुरू किया। उनके तैयार किए गए उत्पादों की मांग मुजफ्फरनगर के साथ-साथ मेरठ, गाजियाबाद और दिल्ली तक पहुंच रही है। हाल ही में उन्होंने ग्रेटर नोएडा में आयोजित उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो में अपना स्टॉल भी लगाया, जहां लोगों ने उनके कपड़ों और घरेलू उपयोग की वस्तुओं को पसंद किया।

विधि की खास उपलब्धि यह है कि उन्होंने अपने कारोबार को केवल कमाई का साधन नहीं बनाया, बल्कि ग्रामीण महिलाओं के लिए रोजगार का अवसर भी तैयार किया। उन्होंने गांव की 40 से अधिक महिलाओं को अपने साथ जोड़ा। पहले उन्हें कपड़े तैयार करने का प्रशिक्षण दिया और फिर काम के अवसर उपलब्ध कराए। इससे इन महिलाओं को अपनी प्रतिभा का उपयोग करने और आर्थिक रूप से मजबूत बनने का अवसर मिल रहा है।

सरकारी योजना ने दी कारोबार को नई दिशा

विधि मलिक ने मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान योजना का लाभ लेकर अपने कारोबार की नींव रखी। शुरुआत में उन्हें कुछ कठिनाइयों का सामना करना पड़ा, लेकिन मेहनत, लगन और सही दिशा में प्रयासों से उनका व्यवसाय आगे बढ़ने लगा।

सरकार की ऐसी योजनाएं युवाओं को नौकरी तलाशने के साथ-साथ अपना रोजगार शुरू करने के लिए भी प्रोत्साहित करती हैं। मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान का उद्देश्य युवाओं को स्वरोजगार और उद्यमिता की राह पर आगे बढ़ने में सहायता देना है। योजना के माध्यम से पात्र युवाओं को व्यवसाय शुरू करने के लिए वित्तीय सहायता उपलब्ध कराने की व्यवस्था की गई है।

आत्मनिर्भर नारी, सशक्त परिवार और विकसित समाज

विधि मलिक की सफलता आज की उन युवतियों के लिए प्रेरणा है, जो कुछ नया करना चाहती हैं, लेकिन संसाधनों की कमी या असफलता के डर से अपने कदम पीछे खींच लेती हैं। उनकी यात्रा बताती है कि जीवन में परिस्थितियां हमेशा अनुकूल नहीं होतीं, लेकिन दृढ़ निश्चय और सीखने की इच्छा हो तो कठिन रास्तों पर भी सफलता प्राप्त की जा सकती है।