आगरा, उत्तर प्रदेश
ऋषि
अंगिरा की तपोभूमि आगरा में मतान्तरण क का कथित खतरनाक खेल! जन्मदिन की पार्टी का
बहाना और घर के अंदर चल रहा था लोगों का मत बदलने का कथित पूरा खेल। लेकिन यूपी
पुलिस और आईबी की सतर्कता से इस बड़े नेटवर्क का भंडाफोड़ हुआ है।
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, सैंया थाना क्षेत्र के जोधापुरा गांव में प्रताप कुशवाह के घर पर एक साल पुराने कथित षड्यंत्र के तहत महिलाओं समेत दर्जनों लोगों को जुटाया गया था। आरोप है कि गरीब लोगों को पैसे का लालच देकर और बीमारी दूर करने का झांसा देकर उनका कथित तौर पर ब्रेनवॉश किया जा रहा था।
यह केवल एक घर तक सीमित मामला नहीं बताया जा रहा, बल्कि जांच में राजस्थान, मध्य प्रदेश, दिल्ली, पंजाब, उत्तराखण्ड और उत्तर प्रदेश तक फैले कथित नेटवर्क की जानकारी सामने आई है। बता दें, बीमारी दूर करने का झांसा देकर सभाएं आयोजित की जाती थीं। जैसे ही 30-40 लोग जुड़ते, नेटवर्क उन्हें आगे की गतिविधियों से जोड़ देता था। पूछताछ में कथित ‘ईस्ट-वेस्ट ग्रुप’ का नाम भी सामने आया है।
आरोपियों
द्वारा Zoom, Signal और IMO जैसे आधुनिक ऐप्स के
माध्यम से ऑनलाइन ट्रेनिंग दिए जाने की बात सामने आई है। कथित तौर पर लोगों को यह
सिखाया जाता था कि नए लोगों को नेटवर्क से कैसे जोड़ा जाए।
हर महीने की रिपोर्ट तैयार होने और सभाओं की संख्या के आधार पर भुगतान किए जाने की बात भी जांच में सामने आई है। दस्तावेजों में 67 हजार 250 रुपये की एक एंट्री मिलने की जानकारी दी गई है। जयपुर निवासी मुख्य आरोपी विनीत वेदी, जो पिछले करीब 10 वर्षों से इस गतिविधि में शामिल बताया जा रहा है, समेत धौलपुर के बंटू, मुखराज और प्रताप को पुलिस ने गिरफ्तार किया है।
अब सबसे बड़ा सवाल-फंडिंग कहां से हो रही थी? इस पूरे नेटवर्क का मास्टरमाइंड कौन है? पुलिस इन सवालों के जवाब तलाशने के लिए मामले की गहराई से जांच कर रही है। जांच आगे बढ़ने के साथ इस नेटवर्क से जुड़े और भी नाम सामने आने की संभावना है।



