रुद्रप्रयाग, उत्तराखण्ड
आत्मनिर्भर भारत का सपना तभी साकार होगा,
जब देश के युवा नौकरी तलाशने के साथ-साथ
अपना व्यवसाय शुरू करने की दिशा में भी आगे बढ़ेंगे। उत्तराखण्ड के युवा इस दिशा
में नई प्रेरणा प्रस्तुत कर रहे हैं। जी हां, रुद्रप्रयाग जिले के अगस्त्यमुनि विकासखण्ड
के पाटा गांव निवासी सोहन सिंह बिष्ट की कहानी भी इसी बदलाव की प्रेरणादायक उदाहरण
है। पंजाब में नौकरी करने के बाद वह अपने गांव लौटे और यहां बेकरी का कारोबार शुरू
किया। आज उनका व्यवसाय न केवल अच्छी कमाई का माध्यम बना है, बल्कि कई लोगों को रोजगार भी दे रहा है।
बता दें, सोहन सिंह बिष्ट ने बेकरी
व्यवसाय शुरू करने से पहले ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान से बेकरी उत्पाद
बनाने का प्रशिक्षण लिया। यहां से उन्होंने उत्पाद तैयार करने और व्यवसाय चलाने की
जानकारी प्राप्त की। इसके बाद प्रधानमंत्री स्वरोजगार योजना के तहत ऋण लेकर अपनी
बेकरी इकाई स्थापित की।
उन्हें इस योजना के तहत 8.50 लाख रुपये का ऋण मिला, जिसमें 35 प्रतिशत सब्सिडी का लाभ प्राप्त हुआ।
सरकारी सहायता, प्रशिक्षण
और अपनी मेहनत के दम पर उन्होंने कारोबार को आगे बढ़ाया। आज के समय में सोहन सिंह
बिष्ट अपने बेकरी व्यवसाय से सालाना लगभग 8 से 10 लाख रुपये का लाभ कमा रहे हैं। साथ ही,
उनकी इकाई में 10 से 12 लोगों को रोजगार मिला हुआ है। उनका
उद्यम स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती देने के साथ-साथ दूसरे युवाओं के लिए भी
स्वरोजगार के नए रास्ते खोल रहा है।
सोहन सिंह बिष्ट का सफर बताता है कि सही
प्रशिक्षण, सरकारी योजनाओं का
सहयोग और मेहनत से अपने क्षेत्र में भी आगे बढ़ा जा सकता है। उनकी सफलता रिवर्स पलायन को बढ़ावा देने
और पहाड़ में ही रोजगार के अवसर विकसित करने की दिशा में एक सकारात्मक उदाहरण है।



